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Monday, July 25, 2022

जंगली हाथी बरपा रहे है कहर, कि ग्रामीणों नींद हराम मचाया उत्पाद वन विभाग और ग्रामीण परेशान..

 





रेवांचल टाईम्स - इन दिनों जंगली हाथी जंगल छोड़ ग्राम की ओर अपना रुख किये हुए और लगातार ग्रामीणों के मकान और खेतों को नुकसान पहुँचा रहे है वन अमला भी इन्हें ताक में रखा हुआ इसके बाद भी ये हाथी लोगों का जीना दूभर कर दिए है, फिटारी गांव में भी उजाड़े मकान और रोंदा फसलों 

         जानकारी के अनुसार डिंडौरी जिले के पूर्व व पश्चिम करंजिया वन परिक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आतंक मचाने के बाद जंगली हाथियों का समूह बजाग वन परिक्षेत्र में सक्रिय है। यहां से समनापुर रेंज के फिटारी गांव पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों के घरों को तहसनहस कर दिया और पूरी फसल चौपट कर दी। इससे ग्रामीणों और वन विभाग की रातों की नींद हराम हो चुकी है। रेंजर रेवा सिंह परस्ते से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार रात होते ही हाथी जंगल से निकलकर गांवों में घुस रहे हैं और भोजन की तलाश में ग्रामीणों के घरों को उजाड़ रहे हैं। हाथियों के बढ़ते आतंक के मद्देनजर वन विभाग ने दिन और रात के लिये सात अलग वन रक्षकों की दो सर्च टीम संभावित इलाकों में तैनात की है। रेंजर रेवा सिंह परस्ते और डिप्टी रेंजर अजय मुकुंद पॉल की अगुवाई में संतोष मरावी, शिवप्रसाद कुशराम, गिरधर धुर्वे, इंद्रसिंह पट्टा, महेंद्र पाटले, चंद्र विजय, जगदीश यादव,तुलसी यादव, जगदीश पड़वार, अजय तेकाम, विपिन उइके, प्रदीप परस्ते, अजय चौकसे, राजेश साहू की टीम सुरक्षा और राहत व्यवस्था के लिए बनाई गई है। इसके बावजूद हाथियों को बस्तियों से दूर रखना वन विभाग के लिये में बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। पिछले पांच दिनों में 6 हाथियों के दल ने 9 घरों को तहसनहस कर दिया और फसलों को भारी क्षति पहुंचाई। हाथियों ने दक्षिण समनापुर रेंज के कक्ष 592(B) के वनग्राम फ़िटारी की बस्ती में दो बैगा परिवारों के निवास में तोड़फोड़ की है। पीड़ितों में रामगोपाल पिता महासिंह और मढ़ैया पिता ककलु बताए जा रहे हैं। बीती देर रात हाथियों की आहट मिलते ही बैगा परिवारों ने मौके से भागकर जैसे तैसे जान बचाई और वहा भाग निकले।

रेवांचल टाईम्स से राकेश पटैल की रिपोर्ट

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