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दस्‍तक अभियान का हुआ आगाज 18 जुलाई से31 अगस्त तकअभियान का आयोजन किया जाना है, अभियान अंतर्गत घर-घर जाकर बच्चों की जाँच की जाएगी..


रेवांचल टाइम्स- मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्‍तव ने बताया कि राज्‍य शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2022-23 में 18 जुलाई से 31 अगस्‍त तक दस्‍तक अभियान का आयोजन किया जाना है। अभियान के तहत स्‍वास्‍थ्‍य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्‍त दल एएनएम, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 5 वर्ष तक की उम्र के बच्‍चों वाले परिवारों के घर-घर जाकर बच्‍चों में प्राय: पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जायेगा। दस्‍तक अभियान का उद्देश्‍य 5 वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों में प्रमुख बाल्‍यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्‍तर पर सक्रिय पहचान एवं त्‍वरित प्रबंधन करना है जिसमें बाल मृत्‍यु दर में वांछित कमी लाई जा सके।

जिसके तारतम्‍य में आज दिनांक 18 जुलाई को जिला चिकित्‍साल सिवनी में बच्‍चो को पोलियों ड्राप एवं विटामिन ए पिलाकर दस्‍तक अभियान का शुभारंभ किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्‍तव, डीएचओ-2 डॉ. आर.के.धुर्वे, सिविल सर्जन डॉ. व्‍ही.के.नावकर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.लोकेश चौहान, उपजिला विस्‍तार एवं माध्‍यम अधिकारी शांति डहरवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दिनेश चौहान, धीरज पाल, वीसीसीएम दुर्गेश, अनिल पंद्रे, विरेन्‍द्र सिंह धुर्वे, सीपीएचसी सलाहकार नीरज यादव सहित विभाग के अन्‍य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहें।


मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी ने बताया कि दस्‍तक अभियान का उद्देश्‍य 5 वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों में प्रमुख बाल्‍यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्‍तर पर सक्रिय पहचान एवं त्‍वरित प्रबंधन करना है जिससे बाल मृत्‍यु दर में वांछित कमी लाई जा सकें।


अभियान के तहत स्‍वास्‍थ्‍य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्‍त दल (एएनएम, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता) द्वारा 5 वर्ष तक उम्र के बच्‍चों वाले परिवारों के घर घर जाकर बच्‍चों में प्राय: पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिया पहचान एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।


साथ ही दस्‍तक अभियान के अंतर्गत समुदाय में बीमार नवजातो और बच्‍चो की पहचान, प्रबंधन एवं रेफरल।साथ ही 5 वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों में शैशव एवं बाल्‍यकालीन निमोनिया, गंभीर कुपोषित, एनीमिया की त्‍वरित सक्रिय पहचान, रेफरल एवं प्रबंधन किया जाएगा। तथा बाल्‍यकालीन दस्‍त रोग की पहचान एवं नियंत्रण हेतु ओ.आर.एस. एवं जिंक के उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्‍येक घर में गृहभेंट के दौरान ओ.आर.एस. पहुंचाने संबंधी गतिविधियों की जाएंगी। इसके साथ ही 9 माह से 5 वर्ष तक के समस्‍त बच्‍चों को विटामिन ए अनुपूरण एवं जन्‍मजात विकृतियों एवं वृद्धि विलंब की पहचान की जाएगी एवं  गृह भेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छूटे हुये बच्‍चो की टीकाकरण स्थिति की जानकरी ली जाएगी।

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