Sankashti Chaturthi 2022 Lord Ganesh: संकष्टी चतुर्थी के दिन इस तरह से करें गणेश जी को प्रसन्न, प्राप्त होगा मनचाहा वरदान - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Wednesday, June 15, 2022

Sankashti Chaturthi 2022 Lord Ganesh: संकष्टी चतुर्थी के दिन इस तरह से करें गणेश जी को प्रसन्न, प्राप्त होगा मनचाहा वरदान

  



रेवांचल टाईम्स :सनातन धर्म में हर महीने की चतुर्थी तिथि (Sankashti chaturthi 2022) को व्रत रखा जाता है. जिसमें भगवान गणेश की पूजा की जाती है. आषाढ़ माह की चतुर्थी तिथि को कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी व्रत (Sankashti Chaturthi Vrat 2022) मनाया जाता है. इस बार ये 17 जून की संकष्टी चतुर्थी व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग (Sankashti Chaturthi 2022 Sarvartha Siddhi Yog) में है. ये योग सफलता प्रदान करने वाला होता है. माना जाता है कि संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्रमा की पूजा एवं उनका दर्शन करते हैं. माना जाता है कि भगवान श्री गणेश की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि, ज्ञान, बुद्धि व ऐश्वर्य का आगमन होता है.

संकष्टी चतुर्थी 2022 चंद्रोदय समय
संकष्टी चतुर्थी की रात चंद्रमा की पूजा करने का विधान होता है. इसके बिना ये व्रत पूर्ण नहीं होगा क्योंकि चंद्र देव को गणेश जी से वरदान प्राप्त है. हालांकि, विनायक चतुर्थी को चंद्रमा की पूजा नहीं करते हैं. 17 जून की रात 10 बजकर 03 मिनट पर चंद्रमा का उदय होगा. संकष्टी चतुर्थी व्रत में दिन के समय गणेश जी की विधि विधान से पूजा हो जाती है. लेकिन, इस ​दिन चंद्रमा की पूजा के लिए चंद्रोदय का काफी समय (sankashti chaturthi 2022 chandrodya time) तक इंतजार करना पड़ता है.




गणेश स्तुति मंत्र (sankashti chaturthi 2022 ganesh stuti mantra)
ॐ श्री गणेशाय नम:।
ॐ गं गणपतये नम:।
ॐ वक्रतुण्डाय नम:।
ॐ हीं श्रीं क्लीं गौं ग: श्रीन्महागणधिपतये नम:।
ॐ विघ्नेश्वराय नम:।
गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम्।
उमासुतं शोक विनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्।


श्री गणेश को कैसे करें प्रसन्न
शास्त्रों में बताया गया है कि एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन सच्चे मन से और विधिवत पूजा करने से भगवान श्री गणेश प्रसन्न होते हैं. इस दिन भगवान श्री गणेश को 21 गाठों वाला दुर्वा घास अर्पित करें. इसके साथ ही 'इदम् दुर्वादलम ॐ गन गणपतये नमः' मंत्र का उच्चारण करें. व्रत के दिन भगवान श्री गणेश को मोदक का भोग अवश्य लगाएं. ऐसा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं (Sankashti chaturthi 2022 ganesh ji) पूरी हो जाती हैं.

No comments:

Post a Comment