दैनिक रेवांचल टाईम्स - प्रदेश की अनेक पंचायत ऐसी थी जो कि जनता के द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि सरपँच जनता के सामने खरे नही उतर पाए बल्कि जनता ने उन्हें जिस विश्वास के साथ चुना था वो विश्वास भी हासिल नही कर पाए और सरकारी योजनाओं में खुलेआम भ्रष्टाचार किया अपने चहेतों को फ़ायदा पहुँचाया लोगो के लिए पेंशन, आवास, शौचालय, मजूदरी अन्य योजनाओं में डाका डाला है फिर जनता ने शिकायतें भी की पर जो जनता से कमाया था उन्हें शिकायतें को दबाने में लगा दिया और बच गए शिकायत हुई जाँच चल रही है ग़बन भ्रस्टाचार के आरोप सिद्ध भी हुए पर कुछ नही हुआ अब एक सवाल की क्या भ्रष्ट जन प्रतिनिधियों का जारी रहेगा भ्रष्टाचार इन दिनों मध्य प्रदेश में पंचायती राज का चुनावी घमासान चालू है।
वही क्या पुनः जनता ऐसे भ्रस्ट ग़बन करने वाले सरपंच या इनके परिजनों पुनः जनता अपना मत देकर अपना जनप्रतिनिधि चुनेंगी, जिले से लेकर पंचायत तक जनप्रतिनिधियों ने भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जन प्रतिनिधियों द्वारा जितने भी मौका मिले हैं । उतने मौकों में जनप्रतिनिधि ने प्रशासन को चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसी तर्ज में अभी पंचायत के चुनाव का दौर जारी है।सब अपनी अपनी ओर से चुनावी दांव फेंकते हुए कई भ्रष्ट सरपंच एवं जन प्रतिनिधि जनपद सदस्य जिनके ऊपर लंबे समय से भ्रष्टाचार और गमन को लेकर मामले चल रहे हैं।वा जिला प्रशासन एवं अखबारों की सुर्खियों में विशेष रुप से बने हुए हैं। एवं इनके द्वारा निरंतर भ्रष्टाचार जारी है। इसी तर्ज में अभी सूत्रों से मिली जानकारी बता रही है कि इन भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों द्वारा निरंतर भ्रष्टाचार करने के लिए प्रशासन दोबारा जनप्रतिनिधि बनने के लिए चुनाव में अवसर दें रही हैं। वही कुछ भ्रष्ट सरपंच अपने परिवार एवं अपनी पत्नियों को सरपंच पद के लिए खड़े कर रहे हैं ।वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह लोग राजनीतिक सहारा लेकर बखूबी अपनी वारदातों को दे रहे हैं अंजाम। वही जन चर्चा है कि बड़े पदों में बैठी मंत्रियों-विधायकों का राजनीतिक सहारा लेकर भ्रष्टाचार करते हैं ।एवं इनके कई भ्रष्टाचार उजागर हो जाते हैं तो राजनीतिक सहारा लेकर उन मामलों को दबाते हैं ।एवं कार्यवाही ना हो ऐसे दबाव बनाकर राजनीति के आड़ में अपना उल्लू सीधा करते हैं । एवं निरन्तर जारी रहता है इनका भ्रष्टाचार ....?
अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट

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