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Thursday, June 16, 2022

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्यमान योजना में भ्रष्टाचार हावी ......जबलपुर के इन अस्पतालों की हो रही है जांच



देश की आम जनता को सरल और सस्ता इलाज मुहैया कराने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) की शुरुआत की थी, लेकिन अब यह योजना गड़बड़ी का शिकार हो रही है. ऐसा देखा जा रहा है कि कुछ निजी अस्पताल (Private Hospitals) आयुष्मान योजना के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं. जबलपुर (Jabalpur) में ऐसे ही 4 निजी अस्पतालों पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

भोपाल (Bhopal) से आई टीम ने लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल, बाम्बे हॉस्पिटल, आदित्य हॉस्पिटल और मन्नूलाल हॉस्पिटल में दबिश दी. आयुष्मान योजना के लाभार्थियों ने लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल के प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की थी. योजना के तहत निजी अस्पतालों में चल रही गड़बड़ी के लिए योजना से जुड़े स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत का भी पता चला है.

शिकायत में यह कहा गया

बताया जाता है कि राज्य स्तरीय टीम से शिकायत की गई थी कि योजना के अंतर्गत भर्ती होकर उपचार कराने वाले मरीजों से अलग से रकम वसूली की जा रही है. मरीज और उनके स्वजन को बताया जा रहा है कि योजना के तहत उपचार का पैकेज बहुत कम है, इसलिए इलाज कराने के लिए उन्हें अलग से रकम देनी होगी. तमाम मरीज और उनके स्वजन अतिरिक्त रकम चुकाने के लिए मजबूर हो रहे हैं.




स्वास्थ्य सेवा अधिकारी यह कहा

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रीय संचालक डॉक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि राज्य स्तरीय टीम ने चार अस्पतालों का जायजा लिया. इस जांच पड़ताल में जो भी गड़बड़ी सामने आएगी, उसके आधार पर अस्पतालों के खिलाफ नोटिस भी जारी किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आयुष्मान कार्ड पर उपचार की मान्यता भी खत्म कर दी जाएगी.




दवाइयों के नाम पर रकम वसूली

जबलपुर निवासी धर्मेंद्र कोष्टा ने अपने ससुर नंद किशोर बोर्डे को इलाज के लिए लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. पथरी और पेट में सूजन के इलाज के लिए आयुष्यमान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने 30 हजार रुपये दवाइयों के नाम पर लिए. धर्मेंद्र ने जब इसकी शिकायत आयुष्मान के हेल्प लाइन नंबर पर की तो अस्पताल प्रबंधन ने चेक के माध्यम से 19 हजार रुपये उन्हें लौटा दिए. इसी तरह मोहम्मद रिजवान से भी आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनकी मां की यूट्रस रिमूव करने की सर्जरी के लिए 20 हजार रुपये अस्पताल ने लिए. रिजवान ने भी जांच टीम से इस बारे में शिकायत की है.

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