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Thursday, May 26, 2022

वन परिक्षेत्र शाहपुर में लगातार जारी है, रोपित सागौन के वृक्षों की अवैध अन्धाधुन्ध कटाई जिम्मेदार फिर भी साधे हैं चुप्पी...


रेवांचल टाइम्स न्यूज़.. मध्य प्रदेश शासन के वन मंत्रालय के द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का आवंटन इस आशय के साथ जारी किया जाता है, कि प्रदेश के सूखे एवं वीरान पड़े जंगलों मैं अधिक से अधिक हरे-भरे वृक्षों का रोपण करवाया जा सके एवं उनका रखरखाव कराया जा सके! किन्तु इसके विपरीत आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के अंतर्गत आने वाले वनपरिक्षेत्र शाहपुर के अंतर्गत आने वाले बीट चाहे वह पलकी हो या चुरिया नए गांव हो या मुड़िया कला इन जंगलों में बदस्तूर जारी है,रोपित सागौन के वनों की अवैध अन्धाधुंध कटाई! जिसका जीता जागता सबूत है, इन कटे हुए रोपित वृक्षों के ठूठ जो अपनी कहानी स्वयं बयां कर रहे हैं! *कहने को तो इन रोपित वृक्षों के देखरेख की दी गई है इन वन कर्मियों को जिम्मेदारी, लेकिन यह कर रहे हैं, बैठकर कार्यालय मेआराम फरमा रहे हैं तभी तो आधे से अधिक रोपित सागौन के वृक्षों की कटाई हो चुकी है! अगर समय रहते इन अवैध कटाई पर रोक नहीं लगाया जाता है, तो पूरे सगोंन के वृक्षों का नामोनिशान मिट जावेगा, ग्रामीणों की माने तो सेंटिंग का कार्य करने वाले कुछ तथाकथित लोग बल्ली के लिए रोपित सागौन, शीशम एवं बांस की अवैध कटाई लगातार कर रहे हैं, कोई वनकर्मी इन्हें नहीं रोकता- टोकता इसलिए इनके हौसले बुलंद है! रोपित वृक्षों के बचाव के लिए लाखों रुपए खर्च करके फेंसिंग तार से इनकी रुंधाई की गई थी, किंतु ग्राम के ही कुछ तथाकथित लोगों के द्वारा फेंसिंग तार को जंगल से निकालकर अपने घरों की बाड़ियों में लगा कर के रखा गया है! किंतु कोई भी वनकर्मी इन्हें नहीं रोक एवं टोंक पा रहा है! लाखों रुपए खर्च करके ग्राम मुड़िया कला के इमली टोला में बीट गार्ड के लिए आवास तैयार किया गया है, किंतु बीट गार्ड हमेशा अनुपस्थित रहते हैं, आवास में हमेशा ताला लटका रहता है! नए  रेंजर साहब के आने से मानो वनपरिक्षेत्र शाहपुर का रवैया ढुलमुल सा हो गया है ना जाने इन वनों की कटाई पर कब रोक लग पाएगी क्या या यूं ही आए दिन जंगलों में अवैध कटाई जारी रहेगी   और हमारे  अधिकारी हाथ पर हाथ धरे यूं ही बैठे रहेंगे यह तो अपने आप में एक अहम सवाल है।

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