रेवांचल टाईम्स - प्रदेश में इन बन रहे अम्रत सरोबर योजनाएं से किये गए लगभग सफल होते नजर आ रहे वही दिनों ग्रामीणो के साथ साथ मूक पशुओं तक को लाभ मिलता दिखने लगा...
सिवनी घंसौर माननीय प्रधानमंत्री जी के संकल्प को मूर्त रूप दे रही घँसोर की मनरेगा योजना।
मनरेगा से बन रहे अमृत सरोवर में भरी गर्मी में निकल गया अमृतमय पानी,
पूर्व में भी मनरेगा के जिम्मेदारों ने बीरान पहाड़ियों में कन्टूर गड्ढे बनवाकर पानी रोकने के साथ साथ उनमें बिना लागत के लोकल पौधों नीम, सीताफल का रोपण कराया है, इस कार्य की सराहना जिलाधीश महोदय द्वारा उनकी फेसबुक की वॉल पर घँसोर के इन कार्यो को प्रसारित किया जा चुका है
इसी प्रकार पिछले सालों में लगभग 59 परकोलेशन तालाबो से भूमिगत जल में बढ़ोतरी के काम कराए गए,चेक डेमो के माध्यम से जल संरक्षण के कई प्रमाण देखने को मिलते रहे है।
छोटे किसानों की बंजर भूमियों के सुधार में मनरेगा ने लगभग 109 हेक्टेयर भूमि को कृषि योग्य बनाया है।
सैकड़ो की मात्रा में कूप बनवाकर किसानों की आय को चार गुना किया जा चुका है।
इस वर्ष पुनः परंपरा को आगे तक ले जाते हुए
मनरेगा योजना के तहत हमेशा की तरह घँसोर विकाशखण्ड जल संरक्षण के कार्यो में अपनी उत्कृष्टता दिखाते हुए 16 बड़े तालाब का निर्माण कराया जा रहा है,एवं 118 पुरानी जीर्ण शीर्ण संरचनाओं को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाकर सीईओ घंसोर एवं मनरेगा एवं तकनीकी टीम ने हर ग्राम में निस्तार के पानी की उपलब्धता पर कमर कस रखी है।
बता दें कि विकास खण्ड की सभी ग्राम पंचायतों के माध्यम से बन रहे इन बड़े तालाबो से खेती की सिंचाई होनी है जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इसी क्रम में रमपुरी पंचायत के ग्राम खापा में मात्र 20 लाख की लागत से बन रहे सरोवर में लगभग 13000 घनमीटर पानी रुकेगा जिससे आसपास के किसानों की 22 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो जाएगी
एवं 12 महिलाओं का समूह इसमे सिंघाड़े की खेती कर अपनी आजीविका को मजबूत करेंगी।
विगत 4-5 सालों से क्षेत्र को विकसित, ग्रामीणों को रोजगार एवं आजीविका में बढोत्तरी को प्रमुखता देते हुए घँसोर के मनरेगा पदाधिकारी समर्पित होकर ग्रामीणों की जीविका,रहन सहन को संवारते नजर आ रहे है।
मनीष बागरी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीईओ घंसौर

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