नैनपुर के पूर्व पटवारी ने अवैध कालोनाइजर के साथ मिलकर बेच दी नदी और उससे लगी सरकारी जमीन...लगे गंभीर आरोप.. - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Wednesday, May 11, 2022

नैनपुर के पूर्व पटवारी ने अवैध कालोनाइजर के साथ मिलकर बेच दी नदी और उससे लगी सरकारी जमीन...लगे गंभीर आरोप..





रेवांचल टाईम्स - नदी के पार्ट पर बना अवैध कॉलोनी राजस्व विभाग के अधिकारियों की  मिलीभगत से रोजाना बेच रहे प्लॉट और हो रही रजिस्ट्री


अवैध कॉलोनाइजर ने सरकारी नाले को बेचा 2 लोगों और करवा दी राजस्ट्री 



प्रदेश के मुख्यमंत्री का बुलडोजर नैनपुर नगर तक नही पहुँच पा रहा है क्योंकि यहाँ हर विभाग के अधिकारी शासन को नुकशान और चुना लगने वालों के साथ है जिसके चलते प्रशासन का बुलडोजर नैनपुर की सीमा को छू नही पा रहा है वही विभाग की  गोपनीय जानकारी के अनुसार माल दो और कुछ भी करो कि तर्ज पर कार्य चल रहा है मगर कहते है ना सिक्कों की चमक किस को बुरी लगती है जिसके कारण राजस्व विभाग के संरक्षण के कारण नैनपुर अवैध कालोनियों से 

 निर्माण कर रहे हैं साथ ही आसपास की सरकारी जमीन को निजी भूमि में शामिल कर बेच रहे हैं।

इसी तर्ज पर नैनपुर नगर में अवैध कालोनियों की बाढ़ आ गई है अगर कोई शिकायत करता है तो दबी जुबान में अवैध कॉलोनीजार घटना करने के लिये आमदा रहते है 



नैनपुर में एक मामला 


नैनपुर में इन दिनों काफी चर्चाओं में है जिसकी भनक तहसील कार्यालय में भी सुनाई दे रही हैं। अवैध कॉलोनी निर्माण में के पीछे अवैध कॉलोनी का यहाँ लगभग 4 एकड़ जमीन से लगा नाला को भी अवैध कॉलोनाइजर ने बेच दिया हद तो तब हो गई कि सरकारी नाले की राजस्ट्री तक हो गई और प्रशासन मूक दर्शक बना रहा जिसकी शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को गई मगर उनके कार्यवाही नही होने के कारण अवैध कॉलोनाइजर के द्वारा नैनपुर नगर का पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे की साठ गांठ के चलते नैनपूर नगर अवैध कालोनियों की बाढ़ आई जिसमे पटवारी ने जमकर माल कामया और परिवार के नाम पर संपत्ति खरीदी और समय रहते नैनपुर नगर से स्थानतरण करवा कर दु से माल कमा रहा है वही जानकार यह भी बताते है कि पटवारी डियूटी कम नैनपुर के तहसीलदार और sdm के दफ्तर में ज्यादा समय देखा जा सकता है  वही नैनपुर में बुलडोजर चलेगा या नही एक सवाल है। नगर में कॉलोनियों का निर्माण नियमों को ताक पर रख नजर बंद करने के लिए महंगे हैं और जिम्मेदारों को इसको कराया गया अवैध कालोनी का में कॉलोनाइजर एक्ट बना लेकिन और जिला प्रशासन का ध्यान नहीं निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है। चश्मे दें दिए होंगे। अवैध कॉलोनी सूचना भी वहीं नैनपुर नगर में वैध कारोबार धमने का नाम नहीं ले रहा है 

वही वार्ड नं0 15 में 2 कालोनियों का निर्माण किया गया है जिसमें एक ने तो नहर के ऊपर ही कॉलोनी बना दी वही दूसरे नदी के पार्ट पर मगर राजस्व विभाग सिर्फ अवैध कॉलोनाइजर के चक्कर और नाप जोख में लगा वही असली मलाई पटवारी आर आई और पूर्व के तहसीलदार ने जमकर माल खाया अब डकार लेने के लिये उफ भी नही कर रहें है 



Tncp विभाग से कोई अनुमति ना ही कोई  

नक्शा पास है न ही राजस्व विभाग की अनुमति 


वही नैनपुर नगर में अवैध कालोनियों के बड़े बड़े फ्लैक्स बोर्ड  लागये है कुछ तो पम्पलेट छपाकर बाटे है  वर्तमान में नवीन कॉलोनियों दर्शायी गई, असल में नहीं। 1997 का निर्माण क्यों इस एक्ट का ध्यान स्थल पर लागू है। नहीं किया गया। नियमों के विरुद्ध अवैध कॉलोनी बनाई गई है जिस न ही नगर निवेश कार्यालय से संचालकों का कहना है कि अवैध नगर में कुछ चिन्हित चेहरे है अनेक कॉलोनियों का निर्माण खरीदते समय तमाम सुविधाओं कॉलोनियों का निर्माण करने वाले रहा है। कॉलोनी के निर्माणों से  व्यवसाय में लगे है।



अवैध कॉलोनाइजर ने राजस्व अधिकारियों से मिलकर सरकारी नाले को बैंक मैनेजर और एक अन्य को बेचा 


 


 नैनपुर नगर में हर वार्ड न0 15  में एक कॉलोनी है जो कि अवैध कॉलोनाइजर ने सरकारी भूमि दबा ली  है। अवैध कॉलोनाइजर ने राजस्व अधिकारियों से मिलकर सरकारी नाले को बैंक मैनेजर और एक अन्य को बेचा दिया इतना ही नही नदी से लगी सरकारी भूमि को निजी भूमि में शामिल कर एक बैंक मैनेजर और अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया मगर इतना ही नही कॉलोनाइजर ने अवैध उत्खनन कर हजारों घन मीटर मुरम की पूराई की है जिसमें खनिज विभाग की मोनं सहमति और अवैध उत्खनन मुरम कॉलोनाइजर ने कहा से खुदाई कर के लाया गया इसकी भी जाँच भी राजस्व अधिकारियों ने दबा दिया गया जिससे साफ होता है कि अवैध कॉलोनाइजर के हौसले किंतने बुलंद है वही अवैध कॉलोनाइजर ने 

 कृषि योग्य भूमि को गुपचुप स्वामी उन्हें नक्शे में तमाम अवैध कॉलोनी के कई प्लाट बेच दिखाकर अवैध कॉलोनी के प्लाटो चौड़ी लिखा पढ़ी प्रक्रिया करने के है। वहां के वाशिंदे आज भी तरीके से भू-स्वामियों द्वारा विक्रय सुविधाओं को दर्शाकर उन्हें प्लाट दिए हैं। जिसमें पटवारी के द्वारा को विक्री की जा रही है। जब वैध कॉलोनी की अनुमति मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। और राजस्व विभाग के अधिकारियों की साठ गांठ से कॉलोनी बनाने बेचने में कामयाब हो जा रहें है  वही पटवारी भी हिस्सा लेकर पर्चा भी जारी कर  देता हैं। अवैध कॉलोनाइजर एक्ट के तहत से पहले सरकारी औपचारिकताएं लेकिन उपभोक्ताओं को सुविधाओं यह अवैध कालोनियों 

बेची जा रही है 




अवैध कॉलोनाइजर के पास राजस्व और tncp विभाग से नही है अनुमति 



 अवैध को कॉलोनियों पर इतनी मेहरबानी उपभोक्ताओं को बिजली, पानी, अनुमति के लिये करनी पड़ती है। मुख्यालय सहित आसपास सड़क, नाली, पो ग्राउंड एवं लेकिन नैनपुर में अनुमति के पहले हासिल नहीं हुआ। अवैध कॉलोनी में न तो जा रहे हैं। आखिर यह खेल कम को ग्राम पंचायतों में अवैध गार्डन की सुविधा उपलब्ध कराना उपभोक्ताओं को रिझाने के लिये  कॉलोनाईजरों द्वारा फ्लैक्स बोर्ड लगाये जा रहे हैं और सुविधाओं की बाट जोह रहे हैं। वही अवैध कॉलोनाइजर के द्वारा भू-स्वामी से उपभोक्ता प्लाट की बात कहता है जिस पर भू प्लाटों की बुकिंग कर उपभोक्ताओं को ठगने का कारोबार निरंतर जारी है। अवैध कॉलोनियों के निर्माण का व्यवसाय तेजी से फल-फूल रहा है। बावजूद इसके अधिकारी मौन साधे हुये हैं। इस महत्वपूर्ण मसले पर अधिकारियों की चुप्पी अनेक सवालों को जन्म दे रही है। पूर्व के समय कॉलोनियों का निर्माण किया गया तो कॉलोनाइजरों द्वारा अनुमति लेने के दौरान तमाम शर्तों को पूर्ण करने के वायदे किये गये। जिनकी आज तक जांच नहीं की गई।

No comments:

Post a Comment