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Saturday, May 28, 2022

शनि जंयती 2022: इन नियमों से करें शनि मंत्रों का जाप, शनिदेव होंगे जल्दी प्रसन्न



रेवांचल टाईम्स:बता दें हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है. ये दिन भगवान शिव को समर्पित है. इस दिन यदि कुछ मंत्रों का जाप किया जाए तो शनिदेव की कृपा प्राप्त की जा सकती है. ऐसे में शनिदेव के मंत्रों के बारे में पता होना जरूरी है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि शनि जयंती के दिन किन मंत्रों का जप करें. साथ ही ये भी जानेंगे कि मंत्रों का जाप किस प्रकार किया जाए, इसके बारे में भी जानेंगे. पढ़ते हैं आगे…
शनि देव के मंत्र

शनि बीज मंत्र – ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

शनि का वैदिक मंत्र – ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः

तांत्रिक शनि मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

शनि गायत्री मंत्र – ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्

सामान्य मंत्र – ॐ शं शनैश्चराय नमः

शनि महामंत्र – ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥

शनि का पौराणिक मंत्र

ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।
छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

शनि दोष निवारण मंत्र – ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम।
उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।।
ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः।
ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।
शनि जयंती पर इस नियम से करें

शनि जयंती के दिन स्नान आदि करके कुश के आसन पर बैठ कर शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर के सामने नीले फूल चढ़ाएं. अब रूद्राक्ष की माला से ऊपर बताए किसी भी मंत्र की कम से कम पांच माला जप करें.

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