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Monday, April 11, 2022

तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से होते हैं ये फायदे, जानकर आप भी करने लगेंगे इस्तेमाल



 रेवांचल टाइम्स:हमारी सेहत और उम्र का सीधा संबंध हमारे खानपान से है. हम जैसा खाते हैं हमारा शरीर वैसा ही हो जाता है. यही नहीं ये हमारी जिंदगी भी निर्धारित करता है कि अच्छा और सेहतमंद खाने खाने से हम कितने सालों तक जिंदा रहेंगे और बेकार यानी बिना पौष्टिकता वाला खाने से हम कितने दिन जिएंगे. इन्हीं खानपान में शामिल है पानी. जो हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है. हालांकि पानी को कांच के गिलास में या फिर स्टील या फिर प्लास्टिक के गिलास में रखकर पीना हमारे शरीर के लिए कितना फायदेमंद है. लेकिन आज हम आपको तांबे के गिलास या तांबे के किसी पात्र में पानी पीने के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं.

प्राचीन काल में भी तांबे से बने बर्तनों का प्रयोग बहुत ही पवित्र माना जाता था. यही नहीं अभी भी किसी भी पूजा या हवन और भगवान की आराधना में जिन बर्तनों का प्रयोग किया जाता है वह सिर्फ तांबे के ही बने होते हैं. वहीं वैज्ञानिक भी तांबे के बर्तनों के इस्तेमाल को अच्छा मानते हैं. इन चीजों का हजारों साल पहले ही वेदों में भी खोज लिया गया था. जिस पृथ्वी ग्रह पर हम रह रहे हैं, उसके अलावा भी ब्रहृांड में बहुत सारे ग्रह मौजूद हैं. जिनका उल्लेख वर्षो पहले महान ऋषि-मुनियों ने अपनी रचनाओं में किया गया था.

इसी तरह तांबे के इस्तेमाल को भी प्राचीनकाल में भी अच्छा माना था. बैक्टीरिया यानी की कीटाणुओं का हमारे आसपास मौजूद हाने का दावा आयुर्वेद द्वारा आधुनिक विज्ञान से बहुत पहले ही अपनी रचनाओं में किया गया था. इस बात को साबित करने का सबसे पहला उदाहरण है आयुर्वेद द्वारा तांबे के बर्तन में पानी पीने का महत्व.

बता दें कि मनुष्य के स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण समझते हुए आयुर्वेद तांबे के बर्तन में ही पानी पीने की सलाह देता है. आयुर्वेद का यह मानना है कि पानी में विभिन्न प्रकार के कीटाणु होते हैं जो तांबे से बने हुए बर्तन में पानी को डालने से मर जाते हैं. यही नहीं इस खोज को सालों बाद विज्ञान द्वारा भी किया गया.

बता दें कि पानी की अपनी स्मरण-शक्ति होने के कारण हम इस बात पर ध्यान देते हैं हें कि उसको कैसे बर्तन में रखें. अगर आप पानी को रात भर या कम-से-कम चार घंटे तक तांबे के बर्तन में रखकर पीते हैं तो तांबे के कुछ गुण उस पानी में समा जाते हैं. ताम्बे के बर्तन में रखा पानी रोजाना पीने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है. वहीं मधुमेह के मरीजों के लिए भी तांबे के बर्तन में रखा पानी रामवाण की तरह काम करता है.




इसके साथ ही इस पानी से शरीर की जरूरत के हिसाब से कॉपर भी मिल जाती है और बीमारी पैदा करने वाले जीवाणुओं से आपकी रक्षा कर आपको पूरी तरह से स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. इसके अलावा तांबे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन की समस्या से निजात दिलाते हैं. ऑर्थराइटिस की समस्या से निपटने में भी तांबे का पानी अत्यधि‍क फायदेमंद होता है.

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