रेवांचल टाइम्स = समीपस्थ ग्राम टाटरी पुलिस चौकी मैं पदस्थ चौकी प्रभारी रामकिशोर मातरे ने रेवांचल टाइम्स संवाददाता राजा विश्वकर्मा को बताया कि गत दिनांक 3 अप्रैल 2022 को प्रातः ग्राम पौण्ड़ी निवासी व्यक्ति ने फोन पर सूचना दिया कि यहाँ पर ग्राम की दो महिला और पुरुष पर घने जंगल में महुआ बीनते वक्त बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है । सूचना प्राप्त ही मौका स्थल के लिए 100 ड़ायल पुलिस गाड़ी को भेज कर चौकी प्रभारी अपने मय स्टाप के साथ घटना स्थल मौका मुआयना एवं स्थल निरीक्षण करने के लिए पहुँचा । बाघ के हमले से घायल व्यक्तियो को समुचित स्वास्थ्य लाभ के लिए शासकीय चिकित्सालय बम्हनी बंजर मैं भर्ती करवाया गया पश्चात इनकी स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय मण्ड़ला भेजा गया ।
घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस चौकी प्रभारी टाटरी रामकिशोर मातरे ने आगे बताया कि समीपस्थ ग्राम पौण्ड़ी निवासी श्रीमती संनाता बाई साहू ,श्रीमती अनीता बाई साहू पति देवेन्द्र साहू एवं देवेन्द्र साहू पौण्ड़ी और भरवेली के बीच बुड़बुड़ी नाले के ऊपर प्रति दिन की भाँति प्रात: 5 बजे महुआ बीनने के लिए गये थे । इसी बीच प्रातः जंगल मैं बाघ इनके पास आकर इन पर हमला कर दिया । सर्व प्रथम बाघ संताना बाई साहू के ऊपर जान लेवा पीछे से हमला किया । संताना बाई ने घाब से ड़ट कर मुकाला करते हुए इसके मुँह मैं गन्जी ड़ाल दी और जोर जोर हल्ला कर बाघ को अपने पास से भगा दी पश्चात बाघ थोड़ी दूर जाकर श्रीमती अनीता बाई और इसके पति देवेन्द्र साहू पर जान लेवा हमला किया , दोनों पति पत्नी ने बाघ से मुकाबला किये जिसमें बाघ ने दोनों को अपने पन्जे से वार किया और मौका स्थल से घने जंगल की तरफ भाग गया । जैसे तैसे तीनों व्यक्तियों ने अपने गाँव घायल अवस्था मैं पहुँच कर ग्रामीणों को जानकारी दिये पश्चात पुलिस चौकी टाटरी प्रभारी के द्वारा इनके समुचित उपचार के लिए इन्हें बम्हनी चिकित्सालय भेजा गया जहाँ से वन परिक्षैत्र अधिकारी ऋषि तिवारी एवं इनके स्टाप के द्वारा इन्हें शासकीय जिला चिकित्सालय मण्ड़ला मैं भर्ती करवाया गया है । वन परिक्षैत्र अधिकारी ऋषि तिवारी के द्वारा बाघ के हमला से घायल दम्पति एवं संताना बाई साहू को वन विभाग की गाईड लाईन के अनुसार इन्हें आर्थिक मदद दी गई है और समुचित स्वास्थ्य इलाज के दौरान व्यय राशि का भुगतान वन विभाग के द्रारा करने की बात मीडिया से की गई है । बहरहाल यहाँ पर बाघ के हमले से समूचे ग्रामीण अंचलों मैं दह सस्त दिखाई देने लगा है । ग्रामीणो की मानें तो महुआ बीनकर पैसे जुटाने और अपने संसाधनो की पूर्ति करने के लिए इन्हें मजबूरी वश घने जंगल मैं जाना पड़ता है जिससे इनके जान माल का खतरा प्राय बना रहता है

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