आज शुक्रवार है और हिंदू पंचांग के अनुसार आज के दिन मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के मुताबिक शुक्रवार के दिन यदि मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाए (maa laxmi ka pujan) तो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही शुक्रवार का दिन (Shukrawar ke din kare ye kam) शुक्र ग्रह का भी होता है. बता दें कि शुक्र ग्रह को सौंदर्य, ऐश्वर्य, वैभव, कला, संगीत, काम वासना एवं सभी प्रकार के सांसारिक सुखों का कारक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि शुक्रवार की रात को कुछ (Shukrawar puja vidhi) विशेष उपाय करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और आपके घर में कभी पैसो की कमी नहीं होगी. आइए जानते हैं शुक्रवार की रात को किए जाने वाले उपायों के बारे में.
लक्ष्मी माता की अराधना
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक शुक्रवार की रात माता लक्ष्मी की 9 से 10 बजे के बीच विधिनुसार पूजा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं. साथ ही घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती. यदि आपको भी धन-सम्पत्ति का आशीर्वाद चाहिए तो यह उपाय जरूर करें.
श्रीयंत्र
शुक्रवार की रात में मां लक्ष्मी की प्रतिमा को गुलाबी रंग की रंगोली बनाकर उस पर रखना चाहिए. साथ ही मां की प्रतिमा के साथ श्रीयंत्र भी जरूर रखें. पूजा की थाली में गाय के घी के 8 दीपक भी जलाएं और गुलाब के सुगंध वाली धूपबत्ती जलाकर मां को मावे की बर्फी का भोग लागएं.
मां लक्ष्मी की पूजा विधि
शुक्रवार की रात को मां लक्ष्मी की पूजा करने के लिए श्रीयंत्र और अष्टलक्ष्मी की प्रतिमा पर अष्ट गंध से ही तिलक करना चाहिए. इसके बाद कमल गट्टे की माला से ‘ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नमः स्वाहा’ मंत्र को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ 108 बार जपना चाहिए.
इन दिशाओं पर रखें दीपक
पूजा के बाद इन 8 दीपकों को घर की आठ दिशाओं में रख दें. वहीं कमल गट्टे की माला को तिजोरी में रख दें. पूजा में भूल की क्षमा मांगे और माता से विनती करें
.jpg)
No comments:
Post a Comment