रेवांचल टाईम्स - राशन वितरण में हेराफेरी और घोटाले के लगे आरो,आय से अधिक संपत्ति की जाॅच की उठी मांग कान्हीवाडा देश और प्रदेश की भाजपा सरकारें करोडों खर्च कर देश के गरीबों को राशन पहुंचाने का काम कर रही है।इसको लेकर सरकारों की तरफ से बडे-बडे नारे और दावे किए जा रहे है किन्तु जमीनी स्तर पर सरकार की यह महत्वपूर्ण पहल भ्रष्टाचार की भेंट चढती दिखाई दे रही है।
मामला सिवनी जिले की भोमा सेवा सहकारी का है।जहाॅ का प्रबंधक राजेश रजक अपनी कार्यप्रणाली के चलते हमेशा अखबारों की सुर्खियों में बने रहता है।सेवा सहकारी समिति का प्रबंधक राजेश रजक ,सैल्समैन ,खरीदी केन्द्र प्रभारी सब कुछ स्वंय की बना बैठा है।एक चपरासी के रूप से अपनी नौकरी प्रारंभ करने वाला राजेश रजक आज सैल्समैन और प्रबंधक के साथ-साथ खरीदी केन्द्र प्रभारी है।
ग्राम पंचायत कटिया के पूर्व सरपंच और वर्तमान सरपंच के नेतृत्व में सैकडों ग्रामीणों ने एकत्र होकर राजेश रजक के खिलाफ राशन वितरण में भारी हेराफेरी और घोटाला करने का गंभीर आरोप लगाया है।ग्रामीणों ने इस संबंध में लिखित शिकायत जिला कलेक्टर और जिला खाद्य एवं आपूर्ती अधिकारी को प्रेषित की है।
ग्रामीणो ने अपने शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि विगत कई माह से राशन वितरण नहीं हुआ है।अंतिम बार ग्रामीणों को 9 व 10 फरवरी 2022 को राशन वितरण किया गया जिसमें प्रति व्यक्ति 2 किलो राशन कम दिया गया इस हिसाब से अगर किसी परिवार में 5 सदस्य हैं तो सीधे-सीधे उन्हें 10 किलो अनाज कम देकर भारी घोटाला किया गया।इसके आलावा पूर्व में भी प्रबंधक और सैल्समेन राजेश रजक द्वारा नवम्बर 2021 माह का चावल वितरण नहीं किया गया तथा कोरोना काल में दाल,चना,नमक आदि नहीं बांटा गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक चपरासी से सैल्समैन और प्रबंधक बने राजेश रजक को उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है जिससे उसके हौसले बुलंद है।उसके राशन वितरण सहित सारे कार्यकाल के कार्याें की जाॅच करा ली जाए तो आय से अधिक संपत्ति के मालिक राजेश रजक के तमाम घोटाले उजागर हो जाएंगे।राजेश रजक वर्तमान में सेवा सहकारी समिति भोमा में प्रबंधक,सैल्समैन,खरीदी केन्द्रों का प्रभारी सब कुछ स्वंय बना हुआ है इसकी आय से अधिक संपत्ति की जाॅच की मांग ग्रामीणों ने की है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में की गयी अनाज कम देने संबंधी शिकायत के उपरांत फूड नवागत इंस्पेक्टर अमित चैधरी ने शिकायतकर्ताओं को आॅफिस बुलाया था जहाॅ राजेश रजक भी मौजूद था।शिकायकर्ताओं के समक्ष उसने अपनी गलती स्वीकार की थी।इसके बाद फूड इंस्पेक्टर ने कहा था कि मैं सामने से आकर राशन वितरण करवाऊॅगा लेकिन आज दिनांक तक ना ही राशन वितरण कराया गया और ना ही राजेश रजक के खिलाफ कोई जाॅच या कार्यवाही की गयी।
अब देखना यह है कि गरीबों के निवालों पर डाका डालने वाले उच्च राजनैतिक और अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त ऐसे भ्रष्ट प्रबंधक और सैल्समैन राजेश रजक के खिलाफ क्या कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है और कब गरीब ग्रामीणें को राशन वितरण किया जाता है।
अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट

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