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Sunday, April 24, 2022

नियम कायदों की अनदेखी के मसीहा बने खाद्य निरीक्षक...




रेवांचल टाइम्स - भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार आम गरीबो के जीवन यापन के लिए कई योजनाओ का संचालन सरकारी तंत्र के माध्यम से संचालित कर रही है। ताकि लोगो को इन मददगार योजनाओं का लाभ सरल तौर से मिल सके। लेकिन सरकारी तंत्र  सरकार की जन हितैसी योजनाओं को पलीता लगा अपनी स्वार्थ पूर्ति में जुटे हुए हैं। ऐसा मामला भोपाल जिले की बैरसिया तहसील अंतर्गत खाद्य विभाग के अधिकारियों की मंशा में झलकता देखा जा सकता है। जो क्षेत्र की शहरी उपभोक्ता भंडार एव ग्रामीण राशन वितरण केंद्रों की दुकानों से महीना वसूली कर रहे हैं। इस कारण दुकान संचालको को राशन सामग्री की काला बाजारी कर पैसा देना पड़ रहा है। इधर राशन उपभोक्ताओं को पूरा राशन नही मिल पा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी मुताविक इस अवैध वसूली के मुख्य सूत्रधार खाद्य विभाग के एएफओ दिनेश कुमार अहिरवार का नाम चर्चाओं में सामने आ रहा है। राशन उपभोक्ताओं का कहना है कि खाद्य विभाग के अधिकारियों ओर राशन वितरण प्रणाली से जुड़े दुकान दारो की मिलीभगत के चलते पिछले मार्च माह का केंद्र सरकार द्रारा वितरण होने वाला निशुल्क राशन चावल शक्कर नमक आदि का पूरा वितरण नही कराया गया। जब जागरूक उपभोक्ताओं ने आवाज उठाई तब शहरी क्षेत्र में उक्त राशन में सिर्फ गेहू का वितरण माह के अंत मे कराया गया।लेकिन ग्रामीण राशन वितरण की दुकानों पर राशन सामग्री का वितरण आजतक नही हो सका। यह तो सिर्फ एक माह के राशन का मामला उजागर हुआ है। इसके पहले कई वार खाद्य अधिकारी दिनेश कुमार अहिरवार के दवाव वस निशुल्क गरीबो को वितरण होने वाला राशन काला बाजारी की भेंट चढ़ गया। यहा पर जांच का बड़ा बिंदु यह है की जब राशन वितरण केंद्र की दुकानदारो ने उपभोक्ताओं को राशन का वितरण समय पर नही किया तो खाद्य अधिकारी द्रारा उक्त दुकानों पर क्या कार्यवाही की। खाद्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के क्षेत्र में कई और मामले भी है। जैसे गांव गांव की गलीकूचों एव मुख्य सड़क किनारों पर खुल्ला बोतलों में पेट्रोल बिकता देखा जा रहा है। इसी प्रकार घरेलू गैस सिलेंडर चाय  की होटलों में उपयोग हो रहे है। ऐसे ही हाल ही में चल रहे गेंहू उपार्जन कार्य मे भी खाद्य अधिकारियों  की गेंहू वसूली की खबरे मिल रही है।

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