एक स्टडी के मुताबिक, अत्यधिक मात्रा में तरबूज का सेवन त्वचा के पीले-संतरी डिस्कलरेशन से जुड़ा हो सकता है जिसे लाइकोपीनिमिया कहा जाता है, जो कि कैरोटेनीमिया का ही एक प्रकार है. लाइकोपीन एक एंटीऑक्सीडेंट और पिग्नेंट दोनों है जो तरबूज समेत कई फल और सब्जियों को लाल रंग देने का काम करता है. लाइकोपीन का ज्यादा मात्रा में सेवन त्वचा की रंजकता में बदलाव ला सकता है. तरबूज खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है, लेकिन इसमें नैचुरल शुगर की बहुत ज्यादा मात्रा होती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि शुगर कंटेंट का अत्यधिक सेवन वेट गेन यानी मोटापे को ट्रिगर कर सकता है. हालांकि ये दिक्कत रात में डाइजेशन सिस्टम के स्लो होने पर ही हो सकती है. दिन में इसका सेवन किसी बड़े नुकसान की तरफ इशारा नहीं करता है.
एक स्टडी के मुताबिक, अत्यधिक मात्रा में तरबूज का सेवन त्वचा के पीले-संतरी डिस्कलरेशन से जुड़ा हो सकता है जिसे लाइकोपीनिमिया कहा जाता है, जो कि कैरोटेनीमिया का ही एक प्रकार है. लाइकोपीन एक एंटीऑक्सीडेंट और पिग्नेंट दोनों है जो तरबूज समेत कई फल और सब्जियों को लाल रंग देने का काम करता है. लाइकोपीन का ज्यादा मात्रा में सेवन त्वचा की रंजकता में बदलाव ला सकता है. तरबूज खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है, लेकिन इसमें नैचुरल शुगर की बहुत ज्यादा मात्रा होती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि शुगर कंटेंट का अत्यधिक सेवन वेट गेन यानी मोटापे को ट्रिगर कर सकता है. हालांकि ये दिक्कत रात में डाइजेशन सिस्टम के स्लो होने पर ही हो सकती है. दिन में इसका सेवन किसी बड़े नुकसान की तरफ इशारा नहीं करता है.

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