रेवांचल टाइम्स - श्री नर्मदा पुराण और स्कंद पुराण अनुसार चैत्र मास में मां नर्मदा की उत्तरवाहिनी परिक्रमा का पुण्य संपूर्ण परिक्रमा के बराबर फलदाई बतलाया गया है ।गुजरात में गरुड़ेश्वर के पास रामपुरा से तिलकवाड़ा के बीच मां नर्मदा का प्रवाह उत्तर दिशा की ओर है यहां पर प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालुओं द्वारा मां नर्मदा जी की उत्तरवाहिनी परिक्रमा की जाती है इसी प्रकार हमारे मंडला में भी मां नर्मदा का प्रवाह उत्तर दिशा की ओर है इसलिए संध्या आरती मंच श्री सिद्ध घाट रेवा दरबार मण्डला द्वारा मंण्डला में भी मां नर्मदा की उत्तरवाहिनी परिक्रमा का शुभारंभ किया जा रहा है जिसके लिए संपूर्ण तैयारी की जा चुकी है । इस परिक्रमा के लिए 2019 में कैवल्य धाम ओंकारेश्वर के आचार्य श्रद्धेय ""श्री अनय रेवाशीष ""जी के सानिध्य में एक परिक्रमा की जा चुकी है जिसमें मार्ग का निर्धारण किया जा चुका था, पूरी तैयारी की जा चुकी थी ,बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए होटलें बुक कर ली गई थी_ किन्तु कोरोना के चलते यात्रा स्थगित कर दी गई थी । जो इस वर्ष सम्पन्न होने जा रही है जिसमें मंडला सहित महाराष्ट्र ,, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, भोपाल, इन्दौर, जबलपुर ,तथा आसपास के गांवों के श्रद्धालु परिक्रमा में शामिल हो रहे हैं और प्रतिदिन मोबाइल के माध्यम से अपना पंजीयन करवा रहे हैं हमारा संध्या आरती मंच सभी श्रद्धालुओं से का आवाहन करता है कि अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन करवा कर इस एक दिवसीय परिक्रमा में शामिल होकर मां नर्मदा की संपूर्ण परिक्रमा का पुण्य फल प्राप्त करें ।
धन्यवाद्_मात् श्री नर्मदे हर

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