हवाई जहाज के पीछे क्यों बनती है सफेद लकीरें? जानिए इसका साइंस - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

🙏जय माता दी🙏 शुभारंभ शुभारंभ माँ नर्मदा की कृपा और बुजुर्गों के आशीर्वाद से माँ रेवा पब्लिकेशन एन्ड प्रिंटर्स का हुआ शुभारंभ समाचार पत्रों की प्रिंटिग हेतु संपर्क करें मोबाईल न- 0761- 4112552/07415685293, 09340553112,/ 9425852299/08770497044 पता:- 68/1 लक्ष्मीपुर विवेकानंद वार्ड मुस्कान प्लाजा के पीछे एम आर 4 रोड़ उखरी जबलपुर (म.प्र.)

Friday, April 29, 2022

हवाई जहाज के पीछे क्यों बनती है सफेद लकीरें? जानिए इसका साइंस



आपने आसमान में उड़ते हुए हवाई जहाज को तो देखा ही होगा। साथ ही आपने देखा होगा कि जब हवाई जहाज उड़ता है तो उसके पीछे सफेद लकीरे बनती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर ये लकीरें क्यों बनती है। कुछ लोगों का कहना होता है कि यह हवाई जहाज से निकलने वाल धुंए से बतनी है। तो कुछ लोगों का कहना होता है कि बर्फ की लकीरे बनती है। तो क्या है इन लकीरों का साइंस आइए बताते है।

क्यों बनती हैं लकीरें?

मीडिया की रिपोर्टो के अनुसार आसमान में बनने वाली इस सफेद लकीर को कंट्रेल्स (Contrales) कहते हैं। जो एक तरह से बादल होते है। लेकिन यह आम बादलों की तरह नहीं बनते। ये बादल आसमान में काई उंचाई पर और हवाई जहाज या रॉकेट के गुजरने के बाद ही बनते हैं ये बादल तब बनते हैं जब जहाज जमीन से करीब 8 किलोमीटर ऊपर और -40 डिग्री सेल्सियस में उड़ रहा हो। हवाई जहाज या रॉकेट के एग्जॉस्ट फैन से एरोसॉल्स जो एक तरह का धुआं होता है वह निकलता है। जब आसमान में उड़ान के दौरान नमी इन एरोसॉल्स से साथ जम जाती है तो कंट्रेल्स (Contrales) बनते हैं। ये कंट्रेल्स कुछ ही समय बाद गायब हो जाती है। इनके बनने की मुख्य वजह हवा में नमी होती है। ये कंट्रेल (Contrales) भी मौसम और ऊंचाई के हिसाब से अलग-अलग तरह के होते हैं। अगर नमी ज्यादा होती है तो यह धुआं काफी देर तक वैसे ही जमा रहता है। नमी कम होने पर धुआं तुरंत ही गायब हो जाता है।

No comments:

Post a Comment