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Friday, April 15, 2022

हनुमान जी की अद्भुत प्रतिमा, 24 घंटे अखंड ज्योति रहती है प्रज्जवलित





 पाताल लोक को छूता है हनुमान जी का एक पैर, तो कही अपने भक्तो को दिखाई  देते हैं तीन रूप में हनुमान जी...


रेवांचल टाइम्स - हनुमान जयंती आज हनुमान जी जो कलयुग में आज भी  साक्षत है, भगतों को अनेक कस्टो से बचाते हैं.

        वही दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा ब्लॉक के दौनी व पाठादौ गांव में विराजमान हैं रामभक्त हनुमान मंगल शनि को लगता है भक्तों का आस्था का मेला

 नगर से लगभग 25 किमी दूर वनांचल में स्थित ग्राम पंचायत पाठादो व महगुवा कला के पास प्राचीन अंजनीपुत्र हनुमान मंदिर स्थित है यहां पर विराजमान अंजनीपुत्र हनुमान जी के दर्शनों के लिए काफी संख्या में भक्त  प्रत्येक मंगलवार और शनिवार पहुंचते हैं इस हनुमान मंदिर की मान्यता है कि यहां भक्तों की मुरादें पूर्ण होती है समूचे क्षेत्र के लोग यहां आकर हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त कर धर्मलाभ प्राप्त करते हैं साथ ही इस सिद्ध स्थान पर प्रतिमा के समीप चौबीसों घंटे अखंड ज्योति प्रज्जवलित रहती है इस स्थान पर दूर दूर से लोग पवनपुत्र हनुमान के दर्शन करने पहुंचते हैं ग्राम सैलबाड़ा निवासी सोनू रजक ने बताया कि मंदिर प्रतिमा के पास बनी बावड़ी ग्राम दौनी पाठादौ सहित अन्य ग्रामों को गर्मी के दिनों में प्राणदायिनी है भीषण जलसंकट के समय समस्त जलस्रोत सूख जाते हैं लेकिन हनुमान जी की कृपा से यह बावड़ी कभी खाली नहीं होती है बताया जाता है कि सिद्ध हनुमान मठ में जो भी लोग मनोकामना लेकर यहां आते हैं उनकी संपूर्ण मनोकामना पूर्ण होती है इस सिद्ध स्थल पर पहुंचने पर मन को शांति होती है साथ ही यहां आने वालों को भगवान की इस प्राचीन प्रतिमा की महिमा की जानकारी भी प्राप्त होती है

ग्राम के सुरेंद्र यादव 33 वर्ष ने बताया कि मंदिर में अनेकों बार धर्मप्रेमियों द्वारा कोशिश की गई कि मंदिर का निर्माण कराया जाए लेकिन निर्माण कार्य यहां संभव नहीं हो पाता है किसी न किसी कारण की वजह से निर्माण संबंधी योजना रुक जाती है ग्राम के मोहन यादव ने बताया कि सिद्ध हनुमान प्रतिमा एक महुआ के पेड़ के नीचे विराजमान हैं मूर्ति का एक पैर मुगल सम्राटों द्वारा खंडित कर दिया गया था व एक पैर जमीन के काफी अंदर तक है यहां के लोगों का मानना है कि जमीन के अंदर का पैर पाताल लोक को छूता है बताया जाता है कि एक बार मूर्ति चोर गिरोह द्वारा मूर्ति को चुराने की चेष्टा भी की गई लेकिन चोरों को सफलता नहीं मिल सकी थी वही पाठादौ के सीताराम ने बताया कि सतगुरुदेव किशनगढ़ वाले दादाजी सरकार द्वारा आयोजित यज्ञ के तीसरे दिन वह यही पर मंदिर प्रांगण में ब्रह्मलीन हुए थे श्रंद्धालुओ द्वारा उनकी आसन व धुनी का निर्माण यही कराकर पूजन अर्चन किया जाता है

हजारों वर्ष पुरानी है दक्षिण मुखी हनुमान की प्रतिमा

 दौनी में विराजमान हनुमान प्रतिमा काफी वर्षों प्राचीन है इस प्रतिमा के पास एक प्राचीन बावड़ी भी है लोगों ने बताया कि इस बावड़ी में दौनी पाठादौ गांव के हजारों लोगों की जलापूर्ति होती है सिद्ध हनुमान मठ के बारे में लोगों ने बताया कि सिद्ध हनुमान मठ में हनुमान जी की प्रतिमा के पैर को सैकड़ों फुट खोदे जाने के बाद भी उनके पैरों के छोर तक नहीं पहुंच जा सका है

पुरातत्व संग्रहालयों में पहुंची यहां की प्राचीन मूर्तियां

गांव के अनेक लोगों ने बताया कि पुरातत्व मूर्तियां कलचुरी कालीन पाषाण प्रतिमाएं है कुछ मूर्तियां रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर दमयंती संग्रहालय दमोह व प्राचीन मूर्तियां रानी दुर्गावती प्रतिमा सिंग्रामपुर के पास संग्रहित की गई है व बहुत सी मूर्तियां अभी भी हनुमान मठ के समीप स्थापित है दौनी में स्थित हनुमान स्थल के आसपास पंचायत द्वारा सामुदायिक भवन व चारों ओर बाऊंड्री वाल बनवा दी गई है जिससे यह स्थल काफी सुरक्षित व सौदर्य से परिपूर्ण हो चुका है लगभग 4 एकड़ स्थल में स्थित यह स्थान दमोह जबलपुर कटनी नरसिंहपुर सागर के लोगों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है जिसके कारण श्रंद्धालु हनुमान जयंती पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचते हैं

शनिवार मंगलवार को लगता है भक्तों का मेला

दौनी हनुमान मंदिर में मंगलवार व शनिवार को भक्तों का मेला लगता है मंदिर में विराजमान हनुमानजी की प्रतिमा अदभुत एवं चमत्कारिक सिद्ध प्रतिमा है जिनके दर्शनों के लिए दूर दराज सहित आसपास गांव व जिले से बड़ी संख्या में भक्त प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को पहुंचते हैं यहां पर श्रंद्धालुओ की अटूट आस्था व विश्वास है कहा जाता है कि दौनी मंदिर में विराजमान संकट मोचन प्रतिमा के दर्शन मात्र से भक्तों की मुरादें पूरी होती है यही वजह है कि यहां पर लोग आकर हनुमान जी के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करते हुए धर्मलाभ प्राप्त करते हैं 15 साल से इस स्थान पर रहकर हनुमान जी सेवादार महंत थानापति संतोष पुरी का कहना है कि हनुमान जी के पास जो अति प्राचीन बावड़ी है इसमें सभी तीर्थ क्षेत्रों का जल समाहित है जो ईश्वरीय उर्जा का प्रमुख स्त्रोत बताते हैं और इस सिद्ध हनुमान मठ में जो भी श्रंद्धालु मनोकामना लेकर आते हैं उनकी मनोकामना पूर्ण होती है l

             वही मंडला ज़िले में माँ नर्मदा तट में सूर्य कुंड में विराजमान हनुमान जी जो दिन में भक्तो तीन रूप में दिखाई पड़ते हैं वह आस्था का केंद हैं जहां पर विगत एक वर्ष से लगातार अखंड रामयाण का पड़ चल रहा हैं यहाँ की बड़ी ही महिमा हैं जहां हनुमान जी चौखट में पहुंचे सभी भक्तो की मनोकामना पूर्ण करते हैं प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी हनुमान जी की जयंती में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं l

     तेन्दूखेड़ा से विशाल रजक की रिपोट  !

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