रेवांचल टाइम्स:शहडोल जिले के व्यवहारी विकासखंड में भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना पर नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारियों ने धन धन कमाने कर जरिया बना लिया है ताजा मामला नगर पंचायत ब्यौहारी में वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन मंगाए गए थे जिसमें पटवारी और नगर पंचायत के एक कर्मचारी को आवेदन पत्रों के सत्यापन के लिए ड्यूटी लगाई गई जिसमें नगर पंचायत के कर्मचारियों द्वारा पटवारी के साथ मिलीभगत कर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से 5000 से लेकर ₹10000 तक की राशि लेकर अपात्र लोगों को पात्र बनाने का खेल बड़े जोरों पर है और जिस में ज़्यादातर गरीब आदमी के पास 5000 से10000 रुपये जिसके पास नहीं है तो खपरैल मकान होने के बाद भी पक्का मकान लिख दिया गया और प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित कर दर-दर भटकने के लिए मजबूर कर दिया गया । अब इन हितग्राहियों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है ताजा उदाहरण अरुण तिवारी पिता पिता जगदीश तिवारी जिसका वार्ड नंबर 9 में टूटा हुआ मकान है और पप्पू महाराज निवासी न्यू बरौंधा वार्ड नंबर 9 व्यवहारी ने कहा कि मेरे पास 5000 हजार न हो ने के कारण घांस-फूस की मड़ैया बनाकर जीने के लिए मजबूर हैं लेकिन शासन प्रशासन द्वारा किसी भी गरीब व्यक्ति को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा। जितने भी दबंग और बड़े रसूखदार व्यक्ति है उन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिल रहा है इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अरुण तिवारी ने नगर पंचायत व्यवहारी में वर्ष 2022 ने आवेदन किए पात्र परिवार और अपात्र परिवार की सूची सूचना के अधिकार के तहत मांगी है जिससे यह पता चलेगा कि कितने बड़े आदमियों को इस बार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है नगर पंचायत के वार्ड नंबर 09 के निवासी एवं समाजसेवी जिला प्रभारी अरुण तिवारी नए जिलाध्यक्ष शहडोल से मांग की है की व्यवहारी नगर पंचायत द्वारा भेजी गई अनुमोदन सूची को बिना जांच के ना अनुमोदित की जाए क्योंकि यह सूची काफी त्रुटिपूर्ण एवं बड़े लोगों को लाभ देने के उद्देश्य से पैसे ले देकर बनाई गई है जिसका सत्यापन कर निराकरण करना अत्यंत आवश्यक है जिससे प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तविक गरीब परिवार को मिल सके देखने वाली बात यह होगी कि नगर पंचायत ब्यौहारी को इस खबर के बाद क्या पुनः सत्यापन कार्य कर आएगी या बड़े आदमियों के खाते में पैसा डालेगी।
रेवांचल टाइम्स:शहडोल जिले के व्यवहारी विकासखंड में भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना पर नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारियों ने धन धन कमाने कर जरिया बना लिया है ताजा मामला नगर पंचायत ब्यौहारी में वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन मंगाए गए थे जिसमें पटवारी और नगर पंचायत के एक कर्मचारी को आवेदन पत्रों के सत्यापन के लिए ड्यूटी लगाई गई जिसमें नगर पंचायत के कर्मचारियों द्वारा पटवारी के साथ मिलीभगत कर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से 5000 से लेकर ₹10000 तक की राशि लेकर अपात्र लोगों को पात्र बनाने का खेल बड़े जोरों पर है और जिस में ज़्यादातर गरीब आदमी के पास 5000 से10000 रुपये जिसके पास नहीं है तो खपरैल मकान होने के बाद भी पक्का मकान लिख दिया गया और प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित कर दर-दर भटकने के लिए मजबूर कर दिया गया । अब इन हितग्राहियों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है ताजा उदाहरण अरुण तिवारी पिता पिता जगदीश तिवारी जिसका वार्ड नंबर 9 में टूटा हुआ मकान है और पप्पू महाराज निवासी न्यू बरौंधा वार्ड नंबर 9 व्यवहारी ने कहा कि मेरे पास 5000 हजार न हो ने के कारण घांस-फूस की मड़ैया बनाकर जीने के लिए मजबूर हैं लेकिन शासन प्रशासन द्वारा किसी भी गरीब व्यक्ति को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा। जितने भी दबंग और बड़े रसूखदार व्यक्ति है उन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिल रहा है इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अरुण तिवारी ने नगर पंचायत व्यवहारी में वर्ष 2022 ने आवेदन किए पात्र परिवार और अपात्र परिवार की सूची सूचना के अधिकार के तहत मांगी है जिससे यह पता चलेगा कि कितने बड़े आदमियों को इस बार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है नगर पंचायत के वार्ड नंबर 09 के निवासी एवं समाजसेवी जिला प्रभारी अरुण तिवारी नए जिलाध्यक्ष शहडोल से मांग की है की व्यवहारी नगर पंचायत द्वारा भेजी गई अनुमोदन सूची को बिना जांच के ना अनुमोदित की जाए क्योंकि यह सूची काफी त्रुटिपूर्ण एवं बड़े लोगों को लाभ देने के उद्देश्य से पैसे ले देकर बनाई गई है जिसका सत्यापन कर निराकरण करना अत्यंत आवश्यक है जिससे प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तविक गरीब परिवार को मिल सके देखने वाली बात यह होगी कि नगर पंचायत ब्यौहारी को इस खबर के बाद क्या पुनः सत्यापन कार्य कर आएगी या बड़े आदमियों के खाते में पैसा डालेगी।


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