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कल से भूलकर भी न करें ये काम, वरना हो सकता है भारी नुकसान



रेवांचल टाईम्स:ज्योतिषचार्यो के मुताबिक होलिका दहन के साथ ही होलाष्टक का समापन हो जाता है। इन 8 दिनों में कई ग्रह उग्र अवस्था में आ जाते है, जिसमें चंद्रमा, सूर्य, शुक्र, मंगल, राहु, शनि, मंगल, बुध और गुरु ग्रह शामिल है। इन सभी का प्रभाव हर राशि के जातक के जीवन पर बहुत हद तक नकारात्मक भी होता है।

होलाष्टक से लेकर पूर्णिमा तक किसी भी तरह का शुभ कार्य जैसे मुंडन, विवाह, नामकरण, अन्नप्राशन सहित अन्य सोलह श्रंगार नहीं करना चाहिए। होलाष्टक के बीच किसी भी तरह का व्यपार नहीं शुरू करना चाहिए। क्योंकि इन 8 दिनों के बीच ग्रहों की स्थिति उग्र होती है जिसकी वजह से व्यपार में घाटा हो सकता है। इसलिए 10 मार्च से पहले या फिर होली के बाद नए बिजनेस की शुरूआत कर सकेंगे।

होलाष्टक के बीच किसी भी तरह का वाहन नहीं खरीदना चाहिए। आप चाहे तो होलाष्टक से पूर्व वाहन की बुकिंग करा सकते हैं। लेकिन घर होली के उपरांत ही लाए तो अच्छा होता है। हम बता दें कि होलाष्टक के वक़्त किसी भी तरह की पूजा, यज्ञ आदि न कराएं। क्योकि इसका आपको पूर्ण फल प्राप्त नहीं होने वाला है।

अगर आप कोई मकान, प्लॉट आदि खरीदने की सोच रहे हैं तो होलाष्टक के बीच बिलकुल भी न खरीदें। इसके साथ ही इस समय के दौरान रजिस्ट्री आदि भी न कराने की सलाह दी जाती है। होलाष्टक के वक़्त किसी भी तरह तरह से मकान का निर्माण को शुरू नहीं करना चाहिए। 10 मार्च से पहले शुरू कर दें तो आप निरंतर निर्माण करा सकते हैं। इसके साथ ही ग्रह प्रवेश भी न कराने की सलाह दी जा रही है।

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