रेवांचल टाईम्स - पुलिस को सूचना देने के बाद भी समय पर नहीं पहुंची पुलिस- बिजली विभाग कर्मचारी
धूमा का मामला.... मामले को रफा-दफा करने पुलिस पर दबाव ...कई घंटों चला बैठकों का दौर...
सिवनी के धूमा में शनिवार दोपहर के समय धूमा के कुछ लोगों के द्वारा धूमा के बिजली विभाग के दफ्तर में
मैं घूम कर बिजली विभाग के अधिकारी के साथ मारपीट और वहां पर रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कंप्यूटर और अन्य सामानों को तितर-बितर कर नुकसानी पहुंचाई गई है बिजली विभाग के कर्मचारियों के बताए अनुसार धूमा निवासी दिनेश साहू जिन पर पहले से ही भूमाफिया का आरोप लगते हुए इनकी जांच प्रशासनिक अधिकारियों के पास प्रचलित है और अब एक और नए मामले पर दिनेश साहू अपनी सुर्खियां बटोर रहे हैं मामला यह है कि शनिवार दोपहर को धूमा निवासी दिनेश साहू के द्वारा अपने कुछ कर्मचारियों और सहयोगियों के साथ बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचते हैं वहां अधिकारी से गाली गलौज करते हुए विवाद कर अधिकारी की पिटाई तक कर देते हैं इतना ही नहीं दफ्तर में रखे शासकीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कंप्यूटर मॉनिटर और अन्य सामग्रियों को तोड़ते फोड़ते हुए शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है
वहीं इस पूरे मामले को लेकर बिजली विभाग के लखनादौन स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे जहां धूमा थाने में संबंधित मामले पर संबंधित व्यक्ति और उनके सहयोगियों पर एफ आई आर दर्ज कराने घंटों मशक्कत करनी पड़ी वही धूमा पुलिस पर स्थानीय लोगों के द्वारा दबाव बस एफ आई आर नहीं करने को लेकर देर शाम तक बैठकों का दौर चलता रहा खबर लिखने तक यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि धूमा थाने में निष्पक्षता से f.i.r. लिखी गई या फिर दबाव बस f.i.r. नहीं लिखी गई फिलहाल खबर लिखने तक और उसके पहले तक धूमा थाने में सैकड़ों लोगों की भीड़ यह बता रही थी कि मामले पर एक पक्ष एफ आई आर कराने पहुंचा था तो दूसरा पक्ष पूरे मामले को दबाने के लिए अपना संख्या बल इस्तेमाल करने वहां इकट्ठा हो रहे थे परंतु विवाद और माहौल को देखते हुए पुलिस बल की भूमिका कुछ सार्थक समझ में नहीं आ रही थी पुलिस वाले लोगों को धूमा थाने में घुसने मना कर रहे थे तो लोग जबरन धूमा थाने के अंदर जा चुके थे
जहां घंटों से मामले में एफ आई आर दर्ज कराने बिजली विभाग के कर्मचारी बैठे थे तो वही मामले को रफा-दफा करने धूमा के कुछ राजनीतिक लोग अपनी बजनदारी दिखाने पहुंचे थे पूरे मामले
विवाद का कारण क्या था और बाद में क्या हुआ नहीं पता परंतु किसी भी शासकीय दफ्तर पर इस तरह की दबंगई और किसी भी शासकीय कार्यालय पर जबरदस्ती घुस कर अधिकारी की पिटाई करना और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना प्रथम दृष्टया अपराध है और अपराधियों पर कार्रवाई होने की आवश्यकता है फिलहाल इस पूरे मामले पर खबर लिखने तक क्या हुआ पता नहीं बाकी अगले अंक में जरूर पढ़ें रेवांचल टाईम्स में खबरें...

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