रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में आबकारी अमला निकम्मा हो गया है केवल उसे गरीबो के पेट मे लात मरना आता है और बड़े बड़े ठेकेदारों के तलवे चाटना मंडला नगर महिष्मति नगरी को पवित्र नगरी घोषित करते हुए देशी विदेशी शराब की दुकाने बंद के साथ साथ बिक्री को पूर्ण प्रतिबंध किया गया है इसके बावजूद नगर में खुलेआम ढाबे किराना दुकान पान दुकान जगह जगह देशी विदेशी शराब खुलेआम बिक रही है पर इनकी आखों में गांधारी की तरह पट्टी बंधी हुई जो कुछ दिखाई नही देता है और युवा पीढ़ी नशे की लत से बर्बाद हो रही है पर इन्हें क्या पड़ी है इन्हें तो उन अबैध शराब ठेकेदारों से सेवा शुल्क जो मिल जाती है और उस शुल्क से कार्यालय में गानों में खुलके थिरक रहे है सरकारी काम जाए भाड़ में।
वही इनके इस कृत्य की जानकारी जिले की मुखिया कलेक्टर हर्षिका सिंह को लगी तो तत्काल जिला आबकारी कार्यालय द्वारा संचालित आबकारी कंट्रोल रूम मंडला में तैनात कार्मिको को 24 फरवरी को ड्यूटी के दौरान कार्यालयीन समय में कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के तहत आबकारी उप निरीक्षक सर्वेश नागवंशी, श्रीमती गिरजा धुर्वे, इंदु उपाध्याय तथा शैली सैयाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उक्त तीनों कार्मिकों का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय (अधीक्षक शाखा) नियत किया गया है। निलंबन अवधि में तीनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता लागू होगा...
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