रेवांचल टाईम्स - प्रदेश में भूमाफियाओं ने सरकारी भूमि हड़पने में कोई कसर नही छोड़ रहे है गरीब और गरीब हो रहा हैं और अमीर और अमीर हो रहा है ग़रीबो के द्वारा बनाये गए आशियाने को तोड़ने के लिए तत्काल पहुँच जाते है और अगर बड़ा आदमी अतिक्रमण करता है उसका सब पक्ष करते है और जिम्मेदार अधिकारी तोड़ने तो दूर की बात है छूने की भी हिम्मत नही जुटा पाते है।
वही जानकारी के अनुसार सिवनी जिले के लखनादौन तहसील में आने वाली ग्राम पंचायत धूमा जहां पर ग्राम के ही रसूखदार दबंग शासन प्रशासन के नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले दिनेश साहू के द्वारा कुछ दिनों पूर्व पंचम बर्मन से शासकीय पशु औषधालय की लगी हुई शासकीय भूमि पर बनी झोपड़ी को बर्मन परिवार के द्वारा दिनेश साहू को झोपड़ी के मलबे की रजिस्ट्री कर बेच दिया गया जहां पर दिनेश साहू के द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर गोदाम का निर्माण कर लिया गया है गोदाम में सीमेंट से लदे हुए भारी भरकम ट्रकों का आना जाना लगा रहता है दिनेश साहू की गोदाम पर आने वाले भारी भरकम ट्रकों से पंचायत की सीसी रोड टूट चुकी है और पुलिया भी ध्वस्त हो चुकी है जिससे बारिश में पानी का भराव होता है और रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है बर्मन परिवार ने अगर शासकीय पट्टे की भूमि को छोड़ दिया था तो पंचायत द्वारा धूमा में कई ऐसे परिवार हैं जो किराए से रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं और धूमा ग्राम के हर कार्य में सेवा दे रहे हैं विगत कई वर्षों से वोट डाल रहे हैं और धूमा के लिए जन प्रतिनिधि चुन रहे हैं । क्या उस भूमि पर इन्हीं गरीब परिवारों को पट्टा नहीं दिया जा सकता। शासन की बेशकीमती जमीनों पर दबंगों द्वारा अधिकारियों को गुमराह कर कब्जा किया जा रहा है और सीधे साधे लोगों के लिए परेशानियों का कारण बन रहे हैं जिनसे परेशान होकर सामाजिक कार्यकर्ता नेहा श्रीवास्तव द्वारा पूर्व में भी कई बार आवेदन शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन सिस्टम की अनदेखी और नियम कानून की उड़ती धज्जियां कहीं ना कहीं इशारा कर रही हैं कि इन दबंगों के अतिक्रमण से शायद ही शासन के पास शासन की साशकिय एक इंच भी जगह न रहे । नेहा श्रीवास्तव सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया है कि अगर दिनेश साहू के पास शासकीय आबादी भूमि की रजिस्ट्री के कागजात अगर सही हैं तो वैसे ही कागजात धूमा के अन्य आबादी भूमि पर बसे लोगों के भी बननी चाहिए और शासकीय भूमि पर हाथ ठेला हो या कोई अपना व्यापार कर रहा हो उसे भी ऐसे ही कागजात बनाकर अपना व्यापार और रहने का स्वतंत्रता से अधिकार दें ताकि वह बेवजह कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटते रहे इन दबंगों को आज तक शासन प्रशासन से कोई नोटिस नहीं मिला और धूमा के आम नागरिक जो सीधे साधे अपने मकान पर रह रहे हैं उन्हें अतिक्रमण का नोटिस दिया जाता है । और दबंग अतिक्रमण करता हूं की जांच अगर अधिकारियों द्वारा की जाती है तो इन्हें पैसे का प्रलोभन देकर जांच को प्रभावित किया जाता है और जांच ठंडे बस्ते पर चली जाती है । शासन-प्रशासन की आंख खोलने और इन दबंगों को आईना दिखाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता नेहा श्रीवास्तव द्वारा 20 फरवरी 2022 से भूख हड़ताल कर न्याय के लिए आमरण अनशन की लड़ाई तक लड़ने की चेतावनी दे दी गई है देखना होगा कि जिला प्रशासन इस और क्या कार्यवाही कर पाता है
इनका कहना है । सामाजिक कार्यकर्ता नेहा श्रीवास्तव ने इसी तरह शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण होते रहे तो शासन के पास शासकीय कार्य हेतु भूमि नहीं रहेगी । मेरे द्वारा इस लड़ाई को लड़ने भूख हड़ताल का आवेदन जिला प्रशासन को दिया गया ।
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