रेवांचल टाइम्स - नैनपुर नगर में विगत कुछ वर्ष पूर्व पहले आम आदमी की सुविधाओं के लिए सिवनी मंडला मार्ग पर बांसुरी वादक चौक से लेकर चकोर नदी मुख्य मार्ग अगल-बगल फुटपाथ का निर्माण करवाया गया था वैसे तो फुटपाथ का निर्माण गुणवत्ता तरीके से किया गया था जो आज सामने दिख रहा है जगह-जगह से पावर ब्लॉक जो फुटपाथ पर लगाए गए थे वह बाहर आ रहे हैं या टूट रहे वही जिस काम के लिए फुटपाथ का निर्माण करवाया गया था वह कार्य आज तक नहीं हो पाया है वह कार्य है आम आदमी के चलने के लिए , लेकिन फुटपाथ बनने के कुछ महीनों बाद ही फुटपाथ के आजू-बाजू दुकानदारो के द्वारा फुटपाथ के ऊपर ही कब्जा कर लिया गया और फुटपाथ के ऊपर अपनी ही दुकान का सामान रखने लगे साथ में दुकान में आने वाले ग्राहकों की गाड़ियां भी फुटपाथ में खड़ी नजर आने लगी वही फुटपाथ का निर्माण ऐसा कराया गया कि हर आदमी के समझ से बाहर है फुटपाथ के ऊपर ही कहीं वाटर बॉल टेंक बने हुए हैं तो चकोर के पास बिजली के ट्रांसफार्मर को बिना हटाए ही बीच से ही फुटपाथ का निर्माण कर दिया गया है साथ ही चकोर से लेकर जयसवाल कंपलेक्स तक ऑटो चालकों के द्वारा फुटपाथ के ऊपर ही ऑटो खड़ी की जा रही है तो कहीं फुटपाथ के ऊपर चार पहिया वाहन भी खड़े नजर आते है जिससे आम आदमियों को फुटपाथ पर चलने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वैसे तो जिस काम के लिए फुटपाथ बनाया गया था वह काम आज तक नहीं हो पाया है वही अतिक्रमण धारियों ने फुटपाथ पर इस तरह कब्जा कर रखा है जैसे फुटपाथ आम नागरिकों के लिए नहीं दुकानदारों के लिए बनाया गया शासन प्रशासन भी सब कुछ देखने के बाद भी अतिक्रमण धारियों के सामने नतमस्तक नजर आता है
शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई - वही जब जनहित के मुद्दे पर फुटपाथ पर अतिक्रमण शिकायत नगर के एक जागरूक नागरिक के द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में की गई तो नगर पालिका के द्वारा कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की गई फुटपाथ पर कब्जा धारी अतिक्रमण धारियों को हटाने के लिए बोला गया दुकानदारों के हटने के बाद दूसरे दिन ही फिर से दुकानदारों ने अपना सामान फुटपाथ पर रखना चालू कर दिया वही शिकायत पर झूठा प्रतिवेदन डालकर शिकायत को बिना शिकायतकर्ता को बताए हुए बंद कर दिया गया वही जब दूसरी बार शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में फुटपाथ के अतिक्रमण की शिकायत की तो शिकायतकर्ता पर जबरन दबाव बना कर शिकायत को फिर से बंद करवा दिया गया लेकिन फिर से शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में फुटपाथ की शिकायत की इस बार भी नगर पालिका प्रशासन के द्वारा झूठा प्रतिवेदन कि नगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण हटा दिया गया है बनाकर शिकायत को बंद करवाने की कोशिश की लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत को बंद नहीं होने दिया गया।
नगरपालिका की ऐसी कार्यवाही को देखते हुए तो यही लगता है कि नगरपालिका कही न कही दबंगों के बंधन से बंधी हुई है जिस कारण से नगर पालिका जनहित के कार्य में अपनी रुचि नहीं दिखाती ना ही कार्यवाही करती नजर आती है।
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