रेवांचल टाईम्स - वन प्राणियों का अबैध शिकार करने वाले शिकारी दिनांक 23 जनवरी 2022 की रात्रि लगभग 9:00 बजे वनपरिक्षेत्र अधिकारी शिशुपाल अहिरवार, और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई ,कि नेवरवाही बीट के अंतर्गत आने बाले वनक्षेत्र से गुजरने वाली 11 केवी विद्युत लाइन ,जो नेवरबाहि से होकर पुजारीटोला ,और वर्धा के लिए जाती है ,उसके मध्य शिकारियों के द्वारा पुजारीटोला ग्राम के समीप जंगल, और राजस्व क्षेत्र में करंट बिछाया गया है |
जिसके आधार पर तत्काल वन परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा टीम का गठन करते हुए सर्वप्रथम मौके से बीटगार्ड नेवरवाही ,बीटगार्ड वर्धा ,और बीटप्रभारी धीरी को मौका स्थल के लिए रवाना किया, तब वन अमला मौके पर पहुंचा |
और उसके द्वारा देखा गया की पुजारी टोला गांव के समीप खेतों से लेकर वर्धा जाने वाली जंगल के रास्ते में 11 केवी विद्युत लाइन के सहारे शिकारियों के द्वारा जीआई तार ,और बांस की खूंटीया की सहायता से लगभग 02 से 03 किलोमीटर लंबा, जीआई तार की सहायता से करंट वन्य प्राणियों के शिकार के लिए फैलाया गया था | जिसके पश्चात वनपरिक्षेत्र अधिकारी पूर्व लांजी शिशुपाल अहिरवार अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और सर्वप्रथम दूरभाष के माध्यम से लाइनमैन की सहायता से संबंधित विद्युत सप्लाई को बंद करवाया गया |
इसके पश्चात क्षेत्र की सघन चेकिंग करने पर पाया गया कि ,बहुत लंबा जीआई तार ,बांस की खुटो की सहारे फैलाए गया है ,जिसको सुरक्षा की दृष्टि से यथा -स्थान पर रहने दिया |
इसी बीच सघन सर्चिंग के दौरान टॉर्च का प्रकाश डालने पर देखा गया कि, एक व्यक्ति पुजारी टोला गांव के और जंगल के रास्ते से भाग रहा है, तब संपूर्ण बन अमल के द्वारा उसकी घेराबंदी करके इंटेरोगेशन हेतु अभिरक्षा में लिया गया |
उसी बीच एक अन्य शिकारी एक महुआ के वृक्ष के नीचे छोटी सी नाली में कंबल ओढ़ के छुपा हुआ था, जिसको मौके से बन अमला के द्वारा पूछताछ हेतु अभिरक्षा में लिया गया | जब दोनों व्यक्तियों की तलाशी ली गई, तो जिस स्थान से उनको अभिरक्षा में लिया गया था, उसी स्थान पर उन दोनों के पास एक- एक नंग 02 कुल्हाड़ी एक पीले थैले में लगभग 2 किलो जीआई तार और बैठने के लिए पीले कलर की दो पॉलिथीन की त्रिपाल पाई गई |
जिसकी मौके से जब्ती की गई, और दोनों से पूछताछ करने पर एक के द्वारा बताया गया कि, उसका नाम रामचंद्र पिता सूर्यलाल टेकाम निवासी पुजारी टोला है |
और दूसरे के द्वारा अपना नाम मक्खन पिता अमरू सिंह निवासी झाकुरदा (डाबरी) है बताया गया|
जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई ,तो उनके द्वारा बताया गया कि वह दोनों अपने अन्य साथियों की सहायता से वन्य प्राणियों के शिकार के लिए करंट फैलाए हुए थे, और छुपकर वन्य प्राणियों को करंट में फंसने का इंतजार कर रहे थे ,तभी अचानक वन विभाग की टीम आ गई ,और शिकार करने में असफल हो गए ,उनसे और आगे पूछताछ करने पर बताया गया की, उनके द्वारा यह काम अक्सर अपने साथियों के साथ मिलकर किया जाता है |
जिसके पश्चात समस्त बन अमले के द्वारा मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों अपराधियों को अभिरक्षा में लेकर पुजारी टोला से सुरक्षित लांजी लाया गया |
और उनकी सुरक्षा करते हुए उनको रात्रि विश्राम कराया गया |
मौके से दो नग कुल्हाड़ी ,दो तिरपाल, जीआई तार का थैला की जब्ती की कार्रवाई करते हुए, अपराधियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2(16) (B),9,39,50, एवं 51 के तहत बनअपराध प्रकरण क्रमांक 12000/15 दिनांक 23/01/2022 दर्ज करके एवं उनको गिरफ्तार करके माननीय न्यायालय लांजी में पेश किया गया जहां से माननीय न्यायालय द्वारा दोनों को जेल अभिरक्षा में भेजा गया
उक्त कार्रवाई वनपरिक्षेत्र अधिकारी शिशुपाल अहिरवार के मार्गदर्शन और निर्देशन मैं की गई जिसमें संजय सिंह चौहान वनरक्षक शैलेंद्र रामटेकर वनरक्षक इलियास खान वनरक्षक गोविंद ठाकुर वनपाल रामसखा बैगा वनरक्षक संतोष सोनवानी वनपाल देवेंद्र सहारी वनपाल इत्यादि सम्मिलित रहे |
रेवांचल टाईम्स लांजी बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे
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