रेवांचल टाईम्स–ग्राम पंचायत के प्रधान सहित तत्कालीन पंचायत सचिव पर निर्माण कार्यों में 13.85 लाख रुपये गबन मामले में जिला पंचायत सीईओ पार्थ जायसवाल ने पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जनपद पंचायत सिवनी के सीईओ को दिए है . यह मामला कटंगी रोड स्थित ग्राम पंचायत डोरली छतरपुर का जहाँ सरपंच साजिद खान व तत्कालीन सचिव राजिक अंसारी ने पंचायत के कामों में फर्जीवाड़ा कर 13.85 लाख से अधिक की राशि निकाल ली . जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर जिला पंचायत सीईओ पार्थ जैयसवाल ने दोनों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं . सिवनी जनपद सीईओ ने पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने आवेदन पेश कर दिया है . हालांकि मूल दस्तावेजों के अभाव में अभी एफआईआर दर्ज होना बाकी हैं .
डोरली छतरपुर के सरपंच साजिद खान , तत्कालीन सचिव राजिक अंसारी व सचिव भगवत चंद्रवंशी ने मिलकर अलग - अलग निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की हैं . मूल्यांकन से कहीं अधिक की राशि पंचायत के सरकारी खातों से निकालकर भुगतान की गई हैं जबकि मौके पर कोई भी सही काम नहीं हुआ . इस मामले में तीनों को मप्र पंचायती राज व ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत नोटिस जारी किया गया . गड़बड़ी प्रमाणित होने पर दोनों को राशि 13.85 लाख रुपये समान रूप से 12 फीसद ब्याज सहित आरहण दिनांक से जमा दिनांक तक रिकवरी करने के आदेश दिए गए हैं ।
जांच में पाया गया कि डोरली छतरपुर में 3 सालों के भीतर जो काम हुए उसमें पूरी गड़बड़ी की गई है और रोड पुलिया नाली और भवन निर्माण में मनमाना काम किया गया है जो राशि स्वीकृत हुई थी उसके अनुसार काम कम राशि में कराकर अधिक राशि के बिल लगाए गए यहां तक कि पंचायत कार्यालय के बिल भी लगाए गए जबकि पंचायत कार्यालय कभी कभार ही खुलता था गौरतलब हो कि पूर्व में यहां के सरपंच को पद से हटाने की भी कार्रवाई हो चुकी है लेकिन बाद में उसे कोर्ट से स्टे मिल गया था।
इस प्रकार के फर्जीवाड़े की और भी शिकायते जिला पंचायत और जनपद पंचायत में सालों से पड़ी हुई है यदि इन में भी कार्यवाही हो तो शायद इस प्रकार के फर्जीवाड़े कुछ कम हो जाते।
रेवांचल टाईम्स के साथ विनोद दुबे की रिपोर्ट।
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