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Monday, December 20, 2021

" समाज के कमजोर वर्गो के प्रति संवेदनशीलता " विषय पर 2 दिवसीय जोन स्तरीय सेमिनार का शुभारंभ




रेवांचल टाईम्स:    पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में समाज के कमजोर वर्गो के प्रति सवंेदनशीलता विषय पर 2 दिवसीय जोन स्तरीय आयोजित सेमिनार का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन जबलपुर श्री उमेश जोगा (भा.पु.से.) द्वारा कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा (भा.प्र.से.), पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.),  पुलिस अधीक्षक अ.जा.क श्री समर वर्मा, की उपस्थिति में किया गया। कार्यशाला में जबलपुर जोन से आये सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षक, स्तर के 30 अधिकारी  उपस्थित थें।  

            सर्व प्रथम पुलिस अधीक्षक अजाक श्री समर वर्मा द्वारा कार्यशाला के शुभारंभ के अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन जबलपुर श्री उमेश जोगा (भा.पु.से.) द्वारा कलेक्टर जबलपुर श्री कर्मवीर शर्मा (भा.प्र.से.) एवं पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.), का पुष्पगुच्छ भेट कर स्वागत किया गया।

            पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एससीएसटी प्रकरणों में अपराधी को सजा दिलाना है, अनुसंधान मे त्रुटियों का फायदा अपराधी को न मिले इसी उद्देश्य से एक्ट में समय समय पर जो नये नियम/कानून बनाये गये हैं, से आप सभी को इस कार्यशाला के माध्यम से अवगत कराना है। जब थाने कोई भी व्यक्ति आता है तो वह किसी न किसी प्रकार से पीडित होता है अपने आपको असहाय एवं ठगा समझ कर आता है, उसकी अपेक्षा होती है कि जो भी कानूनी प्रावधानो के तहत कार्यवाही बनती है की जाये, आपका भी दायित्व बनाता है कि पीडित व्यक्ति की समस्या को ध्यान से शाीलीनता पूर्वक सुनें और तत्काल विधिसम्मत कार्यवाही करते हुये उसे राहत पहुंचायें । अपराधों की रोकथाम हमारी प्राथमिकता है इस हेतु प्रतिदिन थाना प्रभारी अपनी बीट अधिकारी तथा बीट में पदस्थ कर्मचारियों के साथ थाना क्षेत्र के ग्रामों/मोहल्ला में भ्रमण कर सम्भ्रंात नागरिकों से चर्चा कर पता लगाने का प्रयास करें कि कोई अंदरूनी विवाद तो नहीं चल रहा है, साथ ही आप सभी अपने फील्ड के अनुभवो को भी व्यक्त करते हुये आपस मे विचार विमर्श करें, एवं अपनी शंका का समाधान करें, निःसंदेह इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इस प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से आप जो भी सीखें, उसे आप अपने थानों मे अधिकारी/कर्मचारियों के साथ शेयर करें, इससे और भी अधिकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

                कलेक्टर जबलपुर श्री कर्मवीर शर्मा (भा.प्र.से.) ने कहा कि कई बार गवाह होस्टाईल हो जाते है, गवाह होस्टाईल न हो इस हेतु उन्हें पूरा भरोसा दिलाते हुये ब्रीफ कर तारीख पेशी पर उपस्थित कराना होगा। एससीएसटी के प्रकरणों में नियमानुसार पीडित को प्राथमिकता के आधार पर आर्थिक सहायता राशि दिलवाई जाना चाहिये।

                 पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन जबलपुर श्री उमेश जोगा (भा.पु.से.) ने अपने उद्बोधन मे कहा कि कार्याशाला का विषय महत्वपूर्ण है, विगत 2 दिवस आपके लिये काफी उपयोगी साबित होेंगे। भारतीय दण्ड संिहता के अलावा सामाजिक परिवेश को दृष्टिगत रखते हुये कानून बनाये गये है, आप सभी को संशोधित अधिनियम का फील्ड मे प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करना है, आप सभी इस प्रशिक्षण के माध्यम से कार्य के दौरान आने वाली कठिनाईयो को आपस मे चर्चा कर दूर करें। पुलिस को समाज मे व्यवस्था स्थापित करने के लिये व्यापक अधिकार दिये गये है। आप सभी को विषय के विशेषज्ञों के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियॉ दी जावेंगी। आम नागरिकों की आपसे अत्यधिक अपेक्षायें रहती है। पीडित पक्ष केा न्याय दिलाने मे हमारा सकारात्मक प्रयास होना चाहिये। कोई भी इस प्रकार की सूचना जिसमें समाज के कमजोर वर्गो के प्रति अपराध घटित होने की जानकारी प्राप्त होती है, उस पर त्वरित न्याय संगतपूर्ण कार्यवाही अच्छे से सोच विचार कर करें एवं पीडित पक्ष को हर सम्भव मदद करें, इसके लिये आप जब आत्मा से संवेदनशील होगें तभी पीडित को संतुष्टि मिलेगी। एफआईआर लेख करते समय विशेष सावधानी बरतते हुये सभी बातों को समावेश किया जाये, तथा सभी साक्ष्यों को संकलित करते हुये विधि विशेषज्ञों की राय लेकर चालान समय सीमा में पेश किया जाये। चालान पेश करने के बाद फालोअप करते हुये अपराधी को उसके किये की सजा दिलाना हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिये ।

              पुलिस अधीक्षक अजाक श्री समर वर्मा ने बताया कि इस 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में आपको इस कार्यशाला के माध्यम से एस.सी./एस.टी. एक्ट संशोधित अधिनियम 26 जनवरी 2016, व वर्ष 2018, अनुसंधान में भैातिक साक्ष्यों का महत्व एवं उसका संकलन, जे.जे. एक्ट, अभियोजन के परिप्रेक्ष्य में अन्वेषण में हुई त्रुटियों का निराकरण, बच्चों एवं किशोर पर घटित अपराध की जानकारी, (पास्को एक्ट) एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम हेतु मध्य प्रदेश शासन की योजनायें एवं राहत पुर्नवास आर्थिक सहायता तथा प्रथम सूचना लेखन, आदि के सम्बंध मंे विस्तार से जानकारी विधि विशेषज्ञों के द्वारा दी जावेगी।

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