जांच के नाम पर जंगल विभाग के अधिकारी कर रहे लीपा पोती, शिकायत कर्ता को गुमराह करने देते हैं गोल मोल जवाब... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Friday, November 26, 2021

जांच के नाम पर जंगल विभाग के अधिकारी कर रहे लीपा पोती, शिकायत कर्ता को गुमराह करने देते हैं गोल मोल जवाब...




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बहुल्य जिला मण्डला में बहुचर्चित जंगली सुअर के शिकार का मामला अब फिर धीरे धीरे तूल पकड़ रहा है मप्र वन विकास निगम मोहगांव परियोजना कार्यालय के अंतर्गत प्रेमपुर वीट के बेहँगा गांव में जंगली सुअर का शिकार का मामला सामने आया था। संबंधित वन कर्मचारियों के द्वारा शिकारियों से पूंछताछ कर सुअर के नवजात शिशु को बरामद करते हुए जंगली सुअर का शिकार होना पाया गया लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों और पशु चिकित्सा के द्वारा रातों रात रिपोर्ट बदल कर देशी सुअर (पालतू) जानवर की रिपोर्ट बनाई गई ऐसा आरोप वन कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाते हुए काफी समय से शिकायत धरना प्रदर्शन भी करते चले आ रहे है । वही पशु चिकित्सक की शव परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार नवजात शव पालतू होना पाया गया लेकिन वन कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए उप संभागीय अधिकारी के द्वारा पुनः जांच की गई एस डी ओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार जंगली सुअर का शिकार होना पाया गया तथा वीट गार्ड द्वारा शिकारियों से रुपये लेकर जांच रिपोर्ट बदलना पाया गया संबंधित वन कर्मचारी को निलंबित भी किया जाकर नवजात शव के अवशेष को डी एन ए हेतु भिजवाया गया। अब सवाल यह है कि जब पशु चिकित्सक मण्डला की रिपोर्ट अनुसार शव परीक्षण उपरांत अवशेष को जलाकर नष्ट कर दिया गया था तब उप संभागीय अधिकारी को जांच के दौरान कौन से नवजात शव का अवषेष मिला जिन्हें डी एन ए परीक्षण के लिए भिजवाया गया यह बड़ा सवाल है जिसका जवाब अधिकारी देने से बच रहे हैं, आखिर जांच रिपोर्ट किस अधिकारी की सही है क्या वन कर्मचारियों ने झूठी रिपोर्ट तैयार की या पैसे लेकर रिपोर्ट को बदला गया आखिर सच क्या है जो अधिकारी बताने से बच रहे हैं। वही सुरेंद्र सिंह सिरसाम ने बताया कि कंचन गांव रेंज में वन कर्मचारी से लेकर अधिकारी भी स्थानीय ग्रह जिले में पदस्थ होने के कारण वन अपराध हुए हैं जिन्हें स्थानीय कर्मचारी अधिकारियों के द्वारा रफा दफा किया जाता रहा है लेकिन इस बार कुछ ईमानदार वन कर्मचारियों ने भृष्ट अधिकारियों का विरोध किया जिससे यह मामला  सामने आ गया लेकिन उच्च अधिकारियों के द्वारा जंगली सुअर के शिकार मामले को जांच के नाम पर लोगो को गुमराह करते हुए अब तक दवाये रखा है।

No comments:

Post a Comment