ओमर ने 11 साल पहले एक जर्मन शेफर्ड डॉग (German Shepherd) की देखभाल शुरू की थी, जिसका नाम 'फेरो' (Fero) रखा था. इतने लंबे समय साथ के रहने के बाद दोनों के बीच गहरी 'दोस्ती' हो गई. लेकिन इस बीच 29 अक्टूबर को, ओमर बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां 92 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. कब्र के पास ही खड़ा रहा 'फेरो' ओमर के शव को जब ताबूत में रखा गया, तो उनका वफादार कुत्ता ताबूत के पास खड़ा होकर उसकी निगरानी कर रहा था. दफनाने के बाद भी वह ओमर की कब्र के पास ही खड़ा रहा. रिपोर्ट के मुताबिक, जब सारे अपने-अपने घरों को लौट गए तब भी 'फेरो' कब्र के पास ही मौजूद रहा. वह कभी मिट्टी में अपना सिर रगड़ता तो कभी टकटकी लगाकर अपने मालिक की कब्र को निहारता.
ओमर ने 11 साल पहले एक जर्मन शेफर्ड डॉग (German Shepherd) की देखभाल शुरू की थी, जिसका नाम 'फेरो' (Fero) रखा था. इतने लंबे समय साथ के रहने के बाद दोनों के बीच गहरी 'दोस्ती' हो गई. लेकिन इस बीच 29 अक्टूबर को, ओमर बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां 92 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया. कब्र के पास ही खड़ा रहा 'फेरो' ओमर के शव को जब ताबूत में रखा गया, तो उनका वफादार कुत्ता ताबूत के पास खड़ा होकर उसकी निगरानी कर रहा था. दफनाने के बाद भी वह ओमर की कब्र के पास ही खड़ा रहा. रिपोर्ट के मुताबिक, जब सारे अपने-अपने घरों को लौट गए तब भी 'फेरो' कब्र के पास ही मौजूद रहा. वह कभी मिट्टी में अपना सिर रगड़ता तो कभी टकटकी लगाकर अपने मालिक की कब्र को निहारता.
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