रेवांचल टाइम्स - खनिज नगरी के नाम से विख्यात उकवा मॉयल जो पूरे तरफ घने जंगल से घिरा हुआ है, जहा आए दिन जंगली जानवर आना जाना करते है, कभी की हिरण या अन्य जीवों का दिखना आम बात है, परंतु आज उकवा मॉयल के अंडर ग्राउंड में उस समय दहशत का माहौल निर्मित हो गया जब उकवा खान के केज के अंदर कार्यरत मजदूरों ने काम करते समय खदान के अंदर किसी जंगली जानवर के दहाड़ने की आवाज सुनी ,जिसे सुन कर पहले तो मजदूरों ने अनसुनी कर दिया परंतु फिर बाद में लगातार खदान के सुने एरिया से बार बार आवाज आने पर सभी मजदूर दहशत में आकर इसकी सूचना प्रबंधन को दी, सूचना पाकर तत्काल खान प्रबंधक उकवा ने इसकी सूचना पशु प्रेमी एवम समाज सेवी जेम्स बारीक को दी जहा से जेम्स बारीक ने रेंजर उकवा पी आर मदनकर और रोहित चतुर्वेदी को दी,जहा से वन परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देशन में पूरे वन विभाग की टीम खान प्रबंधक दिलीप डेकाते के साथ खदान के अंदर प्रवेश कर पूरे खदान की तलाशी ली ,जहा तेंदुए के पैरों के निशान भी मिले परंतु समय पा कर शायद तेंदुवा उक्त स्थल से चला गया,जिसे कई घंटो तक उकवा वन विभाग के दल ने तलाश किया,पूरे वन विभाग के दल ने अन्दर ग्राउंड खदान के अंदर एक एक कोने की तलास की ओर अथक परिश्रम किया,और संभावित जानवर आवागमन के एरिया को पूर्णत सील कर मार्ग को बंद कर कुछ दिनो के लिए उक्त एरिया में लोगो की आवाजाही को पूरी तरह से स्थगित कर दिया है,खदान के अंदर सर्च के दरमियान परिक्षेत्र अधिकारी पी आर मदनकर,परिक्षेत्र सहायक हीरालाल पटले,वनरक्षक सचिन पद्ममें,कमलेश मशराम,गजेंद्र उइके,राजेश खरे,कामरान अली,सुरेश दीवान,युवा समाजसेवी जेम्स बारीक,खान प्रबंधक दिलीप डेकाते,चीफ इलेक्ट्रिकल डोंगरे, उप खान प्रबंधक सीआरएम रेड्डी,मुख्य कार्मिक अधिकारी दिनेश गेडाम, अतुल डुंगडुंग,चीफ मेकेनिकल मिथलेश लाडे, जय नारायण झा,आदि अधिकारी उपस्थित थे,
रेवांचल टाइम्स लांजी, बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे
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