रेवांचल टाईम्स - मध्य प्रदेश के किसान पुत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक ओर किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने में दिन रात लगे हुए हैं तो वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग की लापरवाही और अनदेखी उनके इन प्रयासों को पलीता लगाती दिख रही है। ताजा मामला भोपाल जिले की तहसील बैरसिया के ग्राम बरखेड़ा बरामद के किसानों की परेशानी से संबंधित है। ग्राम बरखेड़ा बरामद में सागोनी रोड पर बीछूवाले खेत पर रखा हुआ सरकारी ट्रांसफार्मर लगभग 1 हफ्ते से खराब है जिसके कारण लगभग 20-25 किसान अपनी फसलों में ना तो सिंचाई कर पा रहे हैं और ना ही पलेवा कर पा रहे हैं। नतीजा या तो फसल खराब हो रही है या पलेवा का समय निकला जा रहा है। लेकिन किसानों के सीएम हेल्पलाइन से लेकर कार्यालय और लाइनमैन तक शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदारों के कान पर जूं भी नहीं रेंग रही है। उल्टा प्रभावित किसानों द्वारा अपनी परेशानी बताते हुए ट्रांसफार्मर बदलने की मांग करने पर लाइनमैन साहब कुछ दिनों बाद विचार करने और सभी किसानों के शत-प्रतिशत बिल जमा होने पर ही ट्रांसफार्मर रखने की बात कहते हैं जबकि इस समय शासन किसान को समय पर और पर्याप्त बिजली देने को निरंतर प्राथमिकता दे रहा है। लेकिन ऐसे निरंकुश और दबंग कर्मचारियों ने शासन से हटकर अपना अलग ही संविधान बना रखा है। अब इस शर्त की आड़ में छुपा हुआ उद्देश्य किसानों को स्पष्ट समझ में आ रहा है लेकिन ऐसे किसान जो ईमानदारी से हमेशा समय पर बिल जमा कर रहे हैं वे अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और अपनी फसल को बर्बाद होते देखने को मजबूर हैं और निरंकुश बिजली विभाग के कारण स्वयं को लाचार महसूस कर रहे हैं। अब देखना यह है की बिजली विभाग के जिम्मेदार इन किसानों की सुध कब तक लेते हैं ?
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