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Friday, November 5, 2021

रसूखदार पिता के नवाब जादे का रेत खदान में खुला तांडव प्रशासन मौन...







रेवांचल टाईम्स - इन दिनों जिले से गांव गाव तक माफ़िया कहर बरपा रहै है और जिला प्रशासन मौन रह कर उन्हें खुला संरक्षण दे रही है आखिर किस कारण से जिला प्रशासन और विभाग इनके ऊपर कार्यवाही करने से कतरा रहा है। यह एक विचारनीय है जानकारी के अनुसार श्रीकांत चतुर्वेदी के आदर्श गुगो द्वारा नियम विरुद्ध की जा रही है सोन नदी रेत निकासी,-

चाल चरित्र और दायरे को चलने वाली भारती जनता पार्टी के कार्यसमिति सदस्य अब समाज सेवा छोड़कर पुत्र के साथ सुनहरे रेत के काले कारनामों में संलिप्त माफिया पार्टी सहित लोकप्रियता को बदनाम करने में तुले हैं,! प्रदेश में शिवराज सरकार पर श्रीकांत चतुर्वेदी का आदर्श रेत के कारोबार में लग चुका है! जिले में 52 खदानों का जिम्मा तो वैसे वंशिका ग्रुप की कंपनी ने ले रखा है लेकिन खदानों को पेटी कॉन्ट्रैक्ट रेत माफिया या वर्तमान सरकार में दखल देखने वाली बाहुबली नेता संभाल रही है! इन कारनामों ने जहां जहां नेता वहां तांडव मचा रखा है, रेत खदान का संचालन करने वाले ठेकेदारों के गुर्गे ने वहां गांव के प्रबुद्ध जनों का जीना हराम कर दिया है! साथ ही इनके रसूख और प्रबुद्ध के आगे सख्त से सख्त नियम कायदों का खुलेआम मे मयखोडं उड़ा रहा है! और खनिज से  लेकर प्रशासन तक कारवाही के नाम पर आशत नजर आ रही है मशीरा खदान में पिता पुत्र का तांडव जिला जयसिंह नगर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मसीरा में रेत खदान का जिम्मा वंशिका ग्रुप के रसूख के कारण भाजपा के कार्यसमिति सदस्य श्रीकांत चतुर्वेदी को दिया! जिस का संचालन नेता पिता के पुत्र आदर्श कर रहे हैं इस खदान का इनका तांडव उफान  पर है! और जहां जो नहीं होना चाहिए वह भी सोन की गोद में हो रहा है , जिससे ग्रामीणों और जानकारों को जीवनदायिनी के अस्तित्व की चिंता सताने लगी है सिया के सरसों के खुलेआम उल्लंघन खसरा नंबर 39 /534 की मशीरा रेत  खदान में सिया द्वारा जिन शर्तों का रेत खदान निकासी का अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया था वह शर्ते सभी कागजों तक सीमित रह गई धरातल पर देखा जाए तो ना ही मसीरा पंचायत और आगनबाडी में बोरवेल हुआ नाशकुली भवन बेंच टेबल सात दीवारों  मे रंग तक नहीं चढ़ा! और तो और पांच हजार  वर्ग फुट पंचायत में संयोग  विकास करने वाले चारागांहो का दूर-दूर तक कोई कार्य नहीं दिखाई दिया! जबकि सोन के सीने में दो से तीन पोकलैंड मशीनों का खंजर 20 घंटों में छलनी कर रहा है सोन से भारी भरकम वाहन  उतर कर सीधे वहीं से लोड कर रेत का ओवरलोड कर परिवहन बिना कावड़ के किया जा रहा है नेता पुत्र के आगे नतमस्तक जिम्मेदार मसीरा के रेत खदान नेता और नेता पुत्र के संरक्षण में फल फूल रहे हैं वहां तैनात गुर्गे तांडव के आगे खनिज अधिकारी मोन साबित हो रहे हैं सूत्रों की माने तो रोजगार का झांसा देकर युवकों को बरगलाया जा रहा है और उन्हें एक ही कार्य बता  कर आपस में झगड़ा करवाने और बाद में उन्हें पुलिस कार्यवाही  का भय दिखाकर मौन रखने का घोष सिखाया जाता है, तो वही गांव के जिन जागरूक नागरिकों को सोन नदी के अस्तित्व और नियम कायदों की दुहाई देने की कोशिश की जाती है उन्हें डरवा धमका कर शांत करवा दिया जाता है!

              

              

रेवांचल टाईम्स से शरद कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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