थाना कुण्डम अंतर्गत हुई अंधी हत्या का खुलासा, हत्या को एक्सीडेंटल दर्शाने के लिये शव को डाल दिया गया था रोड पर
घटना की जानकारी लगते ही पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा पहुंचे थे घटना स्थल
ससुराल वालों ने घर जमाई से परेशान होकर सुपारी देकर कराई थी हत्या
आरोपी हत्यारे सहित मृतक की पत्नि, सास, पत्नि की बड़ी बहन एवं साढू भाई गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी -
1- सत्यम पटेल पिता अंजनी पटेल उम्र 20 वर्ष निवासी संजयनगर आधारताल
2-राजेन्द्र कुमार यादव पिता सोने लाल यादव उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम खिरवा सेमर मोहल्ला मखरार कुण्डम
( मृतक का साढू भाई )
3-ओमबाई यादव पति राजेन्द्र कुमार यादव उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम खिरवा सेमर मोहल्ला मखरार कुण्डम ,
( मृतक की पत्नि की बडी बहन )
4-सरोज बाई पति स्व0 ओमप्रकाश यादव उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम मढईकला मरकामन टोला थाना कुण्डम
( मृतक की पत्नि)
5-रतनी बाई यादव पति स्व0 परसराम यादव उम्र 65 वर्ष निवासी ग्राम मढईकला मरकामन टोला थाना कुण्डम
(मृतक की सास,)
फरार आरोपी -
1- बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल पिता रामकुमार पटेल निवासी ग्राम बंाध ढीमरखेड़ा जिला कटनी
(अपराधी प्रवृत्ति का है जिसके विरूद्ध थाना अधारताल में लूट एवं आर्म्स एक्ट के 2 प्रकरण एवं थाना ढीमरखेडा जिला कटनी में हत्या के प्रयास का 1 प्रकरण दर्ज है। )
दिनांक 14-11-21 की सुबह बजे 100 डायल में सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुण्डम अंतर्गत ग्राम काराघाट एवं खैरी मडई कला के बीच मेन रोड पर एक व्यक्ति मृत पड़ा है। सूचना पर 100 डायल तत्काल पहुंची, लोगों की भीड लगी थी एक व्यक्ति मृत अवस्था मे बीच रोड मे पड़ा हुआ था, चेहरे में खून लगा हुआ था। घटना की जानकारी लगते ही उप निरीक्षक राजेश सैनी हमराह स्टाफ को लेकर तत्काल मौके पर पहुंचे जहॉ भीड मे उपस्थित संतोष यादव उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम छतैनी कुआ टोला थाना बिलासपुर जिला उमरिया ने बताया कि आज सुबह 6 बजे उसकी भाभी ने मोबाईल पर फोन कर बताया कि तुम्हारे भाई ओमप्रकाश यादव काराघाट एवं खैरी मडईकला के बीच मेन रोड पर मृत पड़े हुये है। सूचना पर उसने तुरंत पहुंचकर देखा तो उसका भाई ओम प्रकाश यादव उम्र 35 वर्ष मृत पडे हुये थे।
घटित हुई घटना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, सूचना पर उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमति अपूर्वा किलेदार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उत्तर/यातायात श्री संजय कुमार अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) स्वयं भी मौके पर पहुंचे।
वरिष्ठ अधिकारियों एवं एफ.एस.एल. की डॉ. सुनीता तिवारी की उपस्थति में घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। दौरान घटना स्थल के निरीक्षण के मृतक ओमप्रकाश यादव के पड़े शव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर रामा यादव के खेत मे छिवला के पेड के पास काफी खून फैला था एवं 1 मोबाईल कव्हर एवं एक सिमकार्ड तथा पास ही भाजीबडा का टुकडा, नमकीन के 2 पैकिट, 3 प्लास्टिक के गिलास पडे हुये मिले, साथ ही रास्ते मे खून के टपकने के निशान थे, मृतक के बाये पैर की चिप्पल एवं अगूठे के सामने का हिस्सा छिला हुआ मिला। पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाते हुये अज्ञात आरोपी के द्वारा सिर मे किसी लोहे की भारी वस्तु से तथा चेहरे, कनपटी एवं गर्दन मे धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर रोड पर फेक देना पाये जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना कुण्डम में धारा 302 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये आरोपी की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उत्तर/यातायात श्री संजय कुमार अग्रवाल एव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/अपराध श्री गोपाल खाण्डेल तथा उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमति अपूर्वा किलेदार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कुण्डम श्री प्रताप सिंह मरकाम के नेतृत्व में थाना स्टाफ एवं क्राईम ब्रांच की टीम गठित कर लगायी गयी है।
प्रारम्भिक पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि मृतक ओमप्रकाश यादव पिछले 18 वर्ष से अपनी ससुराल मे रहकर ड्राईवरी करता था दिनॉक 13-11-21 को दोपहर लगभग 2 बजे घर से गाडी चलाने जाने का कहकर घर से निकला था।
गठित टीम को पतासाजी के दौरान ज्ञात हुआ कि ग्राम चौरई मे ंमृतक ओमप्रकाश, संजय नगर अधारताल निवासी सत्यम एवं बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल निवासी ग्राम बांध के साथ घूम रहा था, यह जानकारी लगते ही संदेही सत्यम पटेल पिता अंजनी पटेल उम्र 20 वर्ष निवासी संजयनगर आधारताल को अभिरक्षा में लेते हुये सघन पूंछताछ की गयी जिसने बताया कि दिवाली के करीबन 3/4 दिन बाद राजेन्द्र यादव के घर खिरवा में बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल उसेे लेकर गया था औऱ 22 हजार रूपये लिए थे, उसने पूछा किस बात के रूपये हैं तो बताया कि ओमप्रकाश यादव को मारने के लिए लिया हूं, फिर ओमप्रकाश के घर मड़ईकला जाकर ओमप्रकाश से बंटी ने बोला कि जब मैं तुमको काम के लिए बुलाऊंगा तो तुम आ जाना, उसके बाद दिनांक 13/11/2021 को सुबह लगभग 10-30 बजे बंटी उर्फ रामकिशोर ने धनी की कुटिया के पास बुलाया और उसेे अपने साथ लेकर मड़ईकला गया, रास्ते में कुण्डम में रूककर उसने बैगपाइपर की शराब खरीदी एवं समोसा, नमकीन, भाजीबड़ा शराब पीने के लिए डिस्पोजल लिए थे फिर हम दोनों चौरई पहुेच जहॉ पर हमें ओमप्रकाश मिला, पेट्रोलपंप के आगे मैदान में तीनों लोगों ने शराब पी, तथा शराब पीने के बाद काफी समय तक रुके रहे ।
शाम लगभग 6 बजे जब हल्का अंधेरा होने लगा था बैगपाईपर की शराब आधी बची थी ओमप्रकाश को शराब लग गयी तो हमने पीना बंद कर दिये फिर हम ओमप्रकाश को घर छोडने के लिये उसके घर मढईकला जा रहे थे बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल ने ओमप्रकाश को बाईक में बीच मे बैठाया और वह पीछे बैठ गया था गांव की ओर काफी दूर जाने के बाद सडक के किनारे एक खेत पर बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल ले गया और बोला कि बची दारू पी कर ओमप्रकाश को घर छोड देगे फिर हम तीनों पुनः शराब पीने लगे, फिर वहां से बंटी उठ कर अपनी मोटर साईकल के पास गया और गाडी के सीट के नीचे से लोहे की राड अपने स्वेटर में छुपाकर लाया और हम दोनों के आगे पीछे कुछ देर घूमा फिर उसके साथ बैठे ओमप्रकाश के सिर पर पीछे से 3-4 बार रांड से हमला कर दिया, ओमप्रकाश तडपने लगा और बेहोश हो गया फिर बंटी ने ओमप्रकाश की तलाशी ली औऱ जेब से पर्स और मोबाईल निकाला मोबाईल का कवर औऱ सिम निकाल कर फेंक दिया और पर्स अपने पास रख लिया फिर उसे बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल ने ओमप्रकाश को उठाने के लिये बोला वह घबरा गया एवं डर के कारण किनारे खडा हो गया तो बंटी ने उसके साथ गालीगलौज करते हुये उससे कहा कि किसी ने देखा तो तेरे को भी यहीं जान से मार दूंगा, तब उसने डरते-डरते लाश को पकडा उसने दोनों हाथ एवं बंटी ने दोनों पैर पकडा गाडी के पास पहंुचते ही ओमप्रकाश की लाश गिर गई, चैक किया तो ओमप्रकाश की सांस चल रही थी फिर बंटी ने दुबारा राड से ओमप्रकाश के गर्दन, व सिर पर मारा औऱ गाडी पर रख लिये जब गाडी को खेत से ऊपर चढाने लगे तो गाडी बहक कर नीचे गिर गयी हम दोनों भी गिर गये, रोड पर बंटी ने मोटर साईकल ले जाकर खडा किया औऱ फिर से ओमप्रकाश को मोटर सायकिल में रखकर थोडा दूर जाकर बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल ने गाडी से उसे उतार कर ओमप्रकाश को अपने पीछे टिका कर ले गया जो एक या दो मिनट बाद तुरन्त वापस आया फिर उसे अपनी मोटर साईकल मे बैठाया औऱ जिस रास्ते आये थे उसी रास्ते से वापस हुऐ, रास्ते में मोबाईल चालू करके ओमप्रकाश को मारने के लिये पैसे देने वाले राजेन्द्र यादव को फोन लगा कर बोला कि काम हो गया बाँडी को अस्पताल ले जाओ इतनी बात उसने सुना था। वापस जबलपुर आते वक्त रास्ते में एक नदी मिली वहां हम दोनों ने हाथ और गाडी में लगा खून साफ किये फिर सीधे जबलपुर के लिये निकले, रास्ते में एक ढावे के सामने आग लगी हुई थी उस में हमने खून के दाग लगी टी-शर्ट को जला दिया फिर वहां से जबलपुर आ गये, इस काम के बदले बंटी उर्फ रामकिशोर पटेल ने उसे 10 हजार रूपये दिये थे ।
आरोपी राजेन्द्र कुमार यादव पिता सोने लाल यादव उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम खिरवा सेमर मोहल्ला मखरार कुण्डम एवं ओमबाई यादव पति राजेन्द्र कुमार यादव उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम खिरवा सेमर मोहल्ला मखरार कुण्डम , मृतक की पत्नि सरोज बाई पति स्व0 ओमप्रकाश यादव उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम मढईकला मरकामन टोला थाना कुण्डम मृतक की सास रतनी बाई यादव पति स्व0 परसराम यादव उम्र 65 वर्ष निवासी ग्राम मढईकला मरकामन टोला थाना कुण्डम को अभिरक्षा में लेकर पूंछताछ करने पर पत्नि ने बताया कि पति ओमप्रकाश उसे एवं उसकी माँ रतनी बाई ,ताई माँ कमली बाई, को शराब गांजा पीकर आये दिन मारापीट करता था, उसके ऊपर कई बार मिट्टी का तेल डाल कर जलाने की कोशिश कर चुका था जिसको बहन ओमबाई एवं जीजा राजेन्द्र ने एक दो बार समझाया भी था , जो कहता था कि मै अपनी औरत को कुछ भी करूं जान से मार दूं तुमको क्या, यह सुनकर जीजा राजेन्द्र कुमार यादव ने ओमप्रकाश को दो-तीन थप्पड मार दिया था ओमप्रकाश हर बार कहता था कि एक दिन मै तुम सबको खत्म कर दूंगा । पति ओमप्रकाश के आये दिन शराब पीकर मारपीट करने से हम सभी परेशान थे। इस कारण वह ,बहन ओमबाई ,जीजा राजेन्द्र , एवं माँ रतनी बाई ने ओमप्रकाश को रास्ते से हटाने के लिये प्लान बनाये और हमने पहले से ही आस पास के गांव से सुन रखा था कि बंटी नाम व्यक्ति जबलपुर का गुण्डा है जो अवैध रेत के पैसों की वसूली करने हमारे गांव आता है जिसने और कई लोगों को ठिकाने लगा दिया है और आज तक पकडा नही गया है और किसी की भी हत्या करने का पैसा लेता है, तो उसकी माँ रतनी बाई ने लोहडा उमरिया जाकर उसके मामा रामकुमार यादव से 25000/- रुपये उधार मांग कर लाई थी। फिर उसके जीजा राजेन्द्र ने बंटी से बात करके ओमप्रकाश को मारने की योजना बनायी, बंटी ने ओमप्रकाश को मारने के लिये 50 हजार रुपये की मांग करने लगा जो बाद में 22 हजार रुपये में तैयार हो गया ।
दीवाली के 4 दिन बाद बंटी अपने साथी के साथ काले रंग की पल्सर गाडी में दिन के करीबन 11.00 बजे जीजा के घर गया और ओमप्रकाश को मारने के पैसे लेकर चला गया । दिनांक 13.11.21 को सुबह 08 से 8.30 बजे के बीच बंटी ने फोन करके जीजा को बोला कि आज मै अपने साथी के साथ ओमप्रकाश को गाडी चलाने के काम के लिये चौरई (कुण्डम ) बुलाऊंगा और शराब पिलाने के बाद मार कर सडक पर फैंक दूंगा तुम जाना और ओमप्रकाश का एक्सीडेन्ट हो गया कह कर उसकी लाश को उठा लेना, यह जानकारी जीजा राजेन्द्र ने उसे बताई थी औऱ बंटी से कहा कि तुम पैसे लिये हो अपने हिसाब से मारना मुझे मत बीच में डालो। उसके बाद रात लगभग 9.30 बजे फोन करके बताया कि काम हो गया है तुम जाकर ओमप्रकाश की लाश को मढईकाल रोड से उठा कर ले जाओ।
उल्लेखनीय भूमिका - अंधी हत्या का खुलासा करने में थाना प्रभारी कुंडम श्री प्रताप सिंह मरकाम, उप निरीक्षक राजेश सैनी, सहायक उप निरीक्षक अशवंत सिंह, प्रधान आरक्षक जागेश्वर उपाध्याय, आरक्षक भीमू सोनवंशी, तीरथ मरकाम, महिला आरक्षक स्तुति पाण्डेय गरिमा सिंह क्राईम ब्रांच के सहायक उप निरीक्षक रामसनेही शर्मा, प्रधान आरक्षक अरविंद श्रीवास्तव, अजीत पटेल, हरि शंकर गुप्ता तथा सायबर सेल के आरक्षक अमित पटेल , भगवान एवं अभिषेक मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही ।
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