रेवांचल टाईम्स - दीपावली के बाद से मड़ई मेलाओ का दौर चालू हो जाता है तहसील उमरेठ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मानकादेही में गोमुख मेला कार्तिक पूर्णिमा से 10 दिन तक प्रतिवर्ष लगता हैं 2 सालों से कोविड-19 के कारण यह गोमुख मेला स्थगित किया गया था परंतु इस वर्ष कोरोना गाइडलाइन के तहत मेला लगाने की अनुमति मिली है गोमुख मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य के साथ प्राचीनतम प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध है इस मंदिर में भगवान भोले शंकर, पार्वती जी, चित्रसेन, वीरभद्र,काल भैरव, महावीर स्वामी, कार्तिक स्वामी, गणेश जी आदि देव विराजमान है पत्थरों के बीच गोमुख सामान चट्टान से लगातार जल धारा गिरती है जिसके कारण गोमुख नाम प्रसिद्ध हो गया श्रद्धालु भक्तों का मानना है कि इस गंगा को नहाने से हर रोग दोष मुक्त हो जाते हैं जिसके चलते दूर-दूर से श्रद्धालु भक्त आते हैं अपनी मुराद पूरी करने के लिए और कई श्रद्धालु भक्त हवनपूजन,सत्यनारायण कथा,मुंडन संस्कार आदि भी करते हैं भगवान शिव गोमुख व कार्तिक महाराज इन सभी श्रद्धालु भक्तों की हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं। और यहां ऋषि पंचमी के दिन नाग देवता को दूध भी पिलाया जाता है और नाग देवता अपने श्रद्धालु भक्तों को साक्षात दर्शन भी देते हैं कुछ श्रद्धालु भक्त तो अपने हाथों से दूध पिलाते हैं और फिर उसके बाद अखाड़ा (दंगल) लगता है
अतः आप सभी श्रद्धालु भक्तों व दुकानदारों से विनम्र निवेदन है कि इस मेले में अपना सहयोग प्रदान करें।
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