रेवांचल टाइम् - मध्य प्रदेश शासन अपने अधिकारियों पर कितनी ही शक्ति बरते किन्तु निम्न स्तर के अधिकारी घोर लापरवाही बरतने कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं इसी प्रकार एक मामला प्रकाश आया है जहाँ ग्राम मानेगांव के निवासी बेनी राम पिता काशीराम रावते के द्वारा बताया गया कि मेरी पैतृक भुराजस्व की भूमि काशीराम पिता नारू के नाम पर ग्राम भानेगांव पटवारी हल्का नंबर 1 खसरा नंबर 39 / 04 मैं से रकबा एकड़ भूमि स्थित थी उक्त भूमि में से पटवारी इंद्रपाल मडावी पटवारी द्वारा बिना कोई खरीदी बिक्री/ रजिस्ट्री के बिना सोच समझकर ग्राम बडनेरा निवासी रूपचंद पिता चुडामन के नाम पर ०,७८ डिसमिल भूमि कर दी गई है। जो वर्तमान में खसरा नकल संशोधन पणजी संख्या 35 दिनांक 27 10 2005 से प्रदर्शित होती है तथा रजिस्ट्री की नकल हेतु उप पंजीयक लांजी को जानकारी हेतु आवेदन देकर रजिस्ट्री की नकल चाही गई किंतु रजिस्टर द्वारा भी नकारात्मक पत्र प्राप्त हुआ है यह की उक्त भूमि वर्ष 20 /4/ 2005 खसरा नंबर 40 रकबा ,६६ डिसमिल और खसरा नंबर १६४/४ का रकबा ,१६ डिसमिल ज्ञानेश्वर पिता काशीराम तेरे नाम तथा खसरा नंबर १६४/३ का रकबा,१६ डिसमिल और ३९/४ का रकबा १,५९ डिसमिल विश्वेश्वर पिता काशीराम इन व्यक्तियों के नाम से 5 सालाना खसरा में दर्ज है उक्त भूमि वर्ष 20 /4/ 2020 मैं काशीराम के नाम पर दर्ज भी है किंतु हल्का पटवारी इंद्रपाल मरावी द्वारा आवेदक के भाइयों से मिलीभगत कर मोटी रकम लेकर वर्ष 2005 में खसरा राजस्व प्रकरण क्रमांक३४ अ२७ वर्ष 2005-2006 ऊर्ज करते हुए आवेदक के भाइयों का नाम काशीराम की भूमि पर दर्ज कर दिया गया है जबकि इसके संबंध में उल्लेखित प्रकरण की नकल लेने एवं सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी लेने पर उक्त नकल का अभिलेख एवं रिकॉर्ड में ठाव ठिकाना नहीं है यह स्थिति आवेदक के साथ कु कृत्य कपट पूर्वक ढंग से पैतृक भूमि से वंचित किया गया है इस संबंध
में कलेक्टर महोदय से उचित कार्यवाही करने की मांग आवेदक द्वारा की गई है।
रेवांचल टाइम्स लांजी, बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे
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