बड़े कोचियों को पकडऩे में निवास पुलिस के हाथ कांप रहे...? ऐसी कार्यवाही से लगता है.…..?
निवास पुलिस प्रशासन द्वारा छोटे मोटे कोचियों को पकड़ कर कार्यवाही कर रही है, लेकिन जो बड़े कोचियां है उन तक पहुंचने में निवास पुलिस के हाथ कांप रहे हैं। बड़े अवैध शराब कारोबारियों के ऊपर कार्यवाही नही होने के कारण इनके हौसले और भी ज्यादा बुलंद होते जा रहे हैं।
पुलिस नहीं लगा पा रही अंकुश
देखा जाये तो पुलिस के नाक के नीचे थाने से निवास क्षेत्र के दर्जनों गांव में अवैध भट्ठियां आज भी धड़ल्ले से धधक रही हैं। पुलिस अभी तक इन कारोबारियों पर अंकुश नहीं लगा सकी। जबकि देखा जाये तो जहरीली शराब से हादसा होने पर आबकारी विभाग भी अपनी पीठ थपथपाने के लिए पहुंच जाते हैं।
निवास सहित दर्जन भर गावों में पहुंचने वाली अवैध शराब काफी कम दामों में बेची जा रही है। हालात यह है कि किराने की दुकानों से लेकर पान की आड़ लिए अवैध शराब सप्लाई की जा रही है। महज रस्म अदायगी के लिए कभी-कभार पुलिस कुछ अवैध शराब पकड़ के अपनी पीठ थपथपा लेती है...? लेकिन जहां अवैध शराब के भंडार हैं, वहां तक पुलिस पहुंच ही नहीं पाती......? जहां एक ओर अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए नियुक्त आबकारी विभाग पिछले लंबे समय से निवास क्षेत्र के लिए सुस्त पड़ा हुआ है। सिर्फ निवास पुलिस विभाग ही थोड़ा बहुत कभी कभाल दिखावे के लिए सक्रिय नजर आता है। अवैध शराब पर अंकुश को लेकर निवास पुलिस गंभीर नहीं एक तरफ सभी समाज शराब पर अंकुश लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहा है। जिससे लोग नशा से मुक्ति पा सकें। दूसरी ओर निवास सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले के साथ अवैध शराब मिल रही है। जिसकी वजह से लोग शराब की लत को छोड़ नहीं पा रहे हैं।👇🏻👇🏻
इसी तरह निवास क्षेत्र में अवैध तरीके से संचालन करने वाले माफिया बने धुरंधर
निवास नगर में संचालित अवैध शराब का तो गोरखधंधा कायम है,,साथ ही जुआ सट्टा पट्टी अन्य नशा के मादक पदार्थों का कारोबार जोरों पर है। निवास नगर सहित ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की ब्रिकी और जगह-जगह चल रहे जुआ-सट्टा मादक पदार्थ के कारोबार से नगर का माहौल बिगड़ रहा है. वहीं युवा पीढ़ी भी नशे की आदी होती जा रही है. नगर,और आस पास ग्रामीण अंचलों की गलियों में सुबह से ही अवैध शराब बेचने का सिलसिला शुरू हो जाता है. इसकी जानकारी पुलिस के साथ आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी है. इसके बावजूद कार्रवाई करने के बजाय हाथ में हाथ धरे बैठे हुए हैं.
रेवांचल टाइम्स निवास से देवेन्द्र चौधरी की रिपोर्ट

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