रेवांचल टाईम्स–ग्राम बोरीकला में अचानक 14 आरे भूमि 12आरे हो गई और 2 आरे जमीन गुम हो गई । ग्रामीणों ने बताया की बोरीकला निवासी गन्नूलाल पटले ने इस शासकीय जमीन पर कब्जा कर रखा और पता नहीं कैसे तहसीलदार और पटवारी से मिलकर उक्त शासकीय भूमि को गन्नूलाल पटले ने अपने नाम कर लिया । ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भूमि पर लगभग 25 वर्ष पूर्व दुकानें बनाई गई थी, इन दुकानों को व्यवसायिक उपयोग के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा व्यापारीयो को किराए से दिया गया था, वहा गन्नूलाल पटले ने भी एक दुकान ली थी मगर अब जब स्थानीय प्रशासन द्वारा दुकानों का काम उक्त भूमि जिसका खसरा नंबर 197/ 2 है में शुरू हुआ तो पता चला की वह भूमि वहा है ही नही और वहा 0.14 आरे की जगह 0.12 ही भूमि है पंचायत ने इस पर आपत्ति जताई और तहसील कार्यालय से लेकर अनेक कार्यालय तक चक्कर लगाए मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं निकला।
बताया जाता है कि उपरोक्त शासकीय भूमि जिसे गलत तरीके से गन्नूलाल के नाम पर 0.01 दर्ज कर दी गई है ।उक्त भूमि पर गन्नूलाल के पुत्र दिनेश पटले और शिवकुमार पटले भवन का निर्माण कार्य करा रहे है जो पूर्णतः अवैध है इस कार्य को अवैध मानते हुए ग्राम पंचायत बोरीकला ने रोक लगाई थी इसके बाद भी शिव कुमार पटले दबंगई दिखाते हुए कार्य करा रहा है । साथ ही उक्त स्थल के आसपास के दुकानदारों को धमकी दे रहा है।
जब ग्रामीणों ने इस मामले में पटवारी से बात की गई तो पटवारी के द्वारा बताया गया कि उपरोक्त भूमि गन्नूलाल की ही है। और मुझे नही पता 14 आरे में से 2 आरे जमीन कहा गई।
अब ग्रामीणों ने कलेक्टर साहब से इस मामले में जांच कराने को बात कही। वैसे भी चाहे जो हो मगर पंचायत ने जब आपत्ति लगाई है तो उसका सम्मान होना चाहिए।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाईम्स की रिपोर्ट
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