देशभर में आज का दिन गणपति बप्पा के आगमन के तौर पर धूमधाम से मनाया जा रहा हैं। आज गणेश चतुर्थी पर विधि विधान से पूजा करते हुए गणपति जी की स्थापना की जाएगी। सभी गणपति जी की पूजा कर उनका आशीर्वाद पाने की कामना करते हैं। ऐसे में जरूरी हैं कि गणपति जी की पूजा में उन सभी चीजों को शामिल किया जाए जो उन्हें बेहद प्रिय हो। आज इस कड़ी में हम आपको ऐसी ही चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके बिना गणपति जी की पूजा अधूरी हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में।
गन्ना
गणेशजी की पूजा में गन्ने का भी अपनी स्थान है। अगर आप भी अपने घर पर गणपतिजी की स्थापना करने जा रहे हैं तो पूजा में अर्पित करने के लिए गन्ना जरूर ले आएं। गणेशजी को गन्ना चढ़ाने से आपके जीवन में भी मिठास घुल जाती है।
मोदक
मिष्ठान में गणेशजी को मोदक सबसे पसंद होता है। इस दिन के लिए घर-घर में मोदक तैयार किए जाते हैं। गणेशजी को लंबोदर कहा जाता है, इसलिए इनकी पूजा में मिठाई शामिल करना जरूरी होता है और इसमें गणपतिजी को मोदक सबसे प्रिय है। आम तौर पर चावल के आटे से बने मोदक गणेशजी को चढ़ाए जाते हैं। अगर आप भी अपने घर बप्पा को बुलाते हैं तो उनकी पूजा में रोजाना मोदक जरूर शामिल करें।
सिंदूर
भगवान गणेशजी को सिंदूर का तिलक लगाना सबसे शुभ माना जाता है। सिंदूर को शुभ और मंगल का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि गणेशजी को सिंदूर अर्पित किया जाता है। गणेशजी को सिंदूर अर्पित करने के बाद अपने माथे पर भी सिंदूर लगाएं। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
दुर्वा
माना जाता है कि गणेशजी को दूब घास खास तौर पर प्रिय होती है। कहते हैं कि गणेशजी की पूजा से कुछ देर पहले ही दूब घास तोड़नी चाहिए और ताजी ही चढ़ानी चाहिए। पूजा के वक्त ताजा दुर्वा तोड़कर ही गणेशजी को अर्पित करनी चाहिए। देखकर कम से कम 3 या 5 फुनर्गी वाली दुर्वा चढ़ानी चाहिए।
लाल पुष्प
लाल रंग गणपतिजी का प्रिय होता है, इसलिए उनकी पूजा में पुष्प भी लाल रंग का प्रयोग किया जाता है। आप चाहें तो गणेशजी को चढ़ाने के लिए गुड़हल के फूल का प्रयोग कर सकते हैं। गुड़हल का फूल गणपति पूजा में शामिल करने से आपको शुभ लाभ की प्राप्ति होती है।
केला
गणपतिजी के बारे में ऐसा कहा जाता है कि उन्हें फलों में केला सबसे प्रिय होता है। ध्यान रखें कि गणपतिजी को केला सदैव जोड़े से चढ़ाना चाहिए। केले का एक फल कभी भी पूर्ण नहीं माना जाता है। केले को पूजा में सदैच जोड़े से चढ़ाना चाहिए।

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