रेवांचल टाइम्स - बालाघाट जिले में विभिन्न जनपद शिक्षा केन्द्रों में लम्बें अर्से से जमें जनपद शिक्षा अधिकारी अब वित्तीय अनियिमितताओं को बड़ावा दे रहें है। इसी के तहत जनपद शिक्षा केन्द्र वारासिवनी के विकाखण्ड स्त्रोत समन्वयक जागेश्वर अजीत के द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के तहत विधानसभा सदस्य के अतारांकित प्रश्र क्रमांक 6352 के माध्यम से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर मूल विभाग को वापस की गई। ज्ञात हो की जागेश्वर अजीत नियम विरूद्ध प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे। लोकसभा 2019 के दौरान शिकायत आधार पर कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला बालाघाट के आदेश क्रमांक 1048/शिकायत प्रकोष्ट/लोसनि/2019 बालाघाट दिनांक 29-3-2019 के द्वारा इनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर मूल विभाग को वापस कर दी गई थी लेकिन राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कर इन्होंने नियम विरूद्ध 2-7-2019 को पुन: प्रतिनियुक्ति करवा ली थी जो प्रतिनियुक्ति के मूलभूत नियम के विरूद्ध था। जिसके तारतम्य में विधानसभा प्रश्र के माध्यम से मूल विभाग भेजने की कार्यवाही की गई।
आरटीआई कार्यकर्ता व शिकायतकर्ता पवन कश्यप ने जानकारी में बताया कि आरटीआई के माध्यम जानकारी प्राप्त करने के पश्चात इनकी वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। जिसमें मानिटरिंग के लिये उपयोगित वाहन बिना टेक्सी परमिट का पाया गया। वाहन मालिक का भी बिल में टीन नंबर नहीं था। कार्यालयीन सामग्री खरीदने के लिये बुलाये गये कोटेशन के फर्म मालिकों से संपर्क करने पर पता चला कि हमारे द्वारा किसी प्रकार का कोटेशन जनपद शिक्षा केन्द्र वारासिवनी में नहीं दिया गया है। कोटेशन के उपर लिखे गये फोन नंबर भी अन्य व्यक्ति के पाये गये। मानिटरिंग की गई एक की शालाओं की दूरी अलग-अलग दिनांक में अलग-अलग दर्शाई गई है
जैसे दिनांक 15-11-2017 को कस्बीटोला जबरटोला की मानिटरिंग दूरी 81 किमी सहित इनके द्वारा अलग-अलग दिनांक में अलग-अलग दूरी दर्शाना इनके फर्जी लाग बुक संचारित करने का संकेत है और शालाओं की मानिटरिंग किये बिना लागबुक में संधारण किया गया व अन्य मानिटरिंग रिकार्ड में हेराफेरी कर राशी का दुरूपयोग कर आर्थिक लाभ पाया गया। जिसके तहत अब उन्हे अपने मुल स्थान पर पदस्थापना किया गया है।
रेवांचल टाइम्स लांजी, बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे



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