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प्रेम संबंधों के शक के आधार पर युवक का बेरहमी से अंधाकत्ल करने वाले आरोपीगण को आजीवन कारावास....


रेवांचल टाईम्स - अपर सत्र जिला न्यायाधीश श्रीमान प्रदीप कुमार वरकडे चौरई की न्यायालय द्वारा प्रकरण क्रमांक 1/2020 के आरोपीगण संदीप पिता शंकर ताराम उम्र 32 वर्ष , सुमित पिता शंकर ताराम उम्र 26 वर्ष , शंकर पिता बाबूलाल ताराम उम्र 46 वर्ष तीनों निवासी ग्राम खमरा जेठू थाना परासिया एवं अशोक पिता बडगू कुम्हरे 41 वर्ष नि ग्राम सुरगी थाना कुण्डीपुरा जिला छिंदवाड़ा को दोषसिद्ध पाते हुये भादवि की धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 5000-5000 रू अर्थदण्ड, धारा 201/120बी भादवि में 3 वर्ष का कारावास व 1000-1000 रू अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से पूर्व अपर लोक अभियोजक प्रवीण कुमार मर्सकोले एवं वर्तमान अपर लोक अभियोजक सुदर्शन सोनी के द्वारा पैरवी की गई थी। घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है - मृतक लखन डेहरिया के संदीप ताराम की बहन सुलोचना से प्रेम प्रसंग था जो सुलोचना दिनांक 07/12/2010 को बिना बताये अपना घर छोड़कर चली गई थी, जिस पर आरोपी संदीप ताराम दिनांक 11/01/2011 को थाना परासिया में गुमइंसान क्रमांक 3/11 दर्ज कराया था । सुलोचना एवं मृतक लखन डेहरिया छिन्दवाडा में एक साथ रहे बाद में मृतक लखन सुलोचना को छोडकर चला गया जो सुलोचना को उसके भाई संदीप ने अपने मामा अशोक कुमरे के घर सुरगी ले जाकर रखा। लखन डेहरिया के सुलोचना से प्रेम प्रसंग और सुलोचना को छोडकर जाने पर से आरोपी संदीप ताराम, शंकर ताराम,सुमित ताराम,अशोक कुमरे मृतक लखन डेहरिया से रंजिश रखते थे और दिनांक 08/03/2012 को संदीप ताराम ने मृतक लखन डेहरिया को मोबाईल पर बहुत ज्यादा गाली बकी थी और दिनांक 09/03/2012 को सुबह लखन डेहरिया को संदीप ताराम, शंकर ताराम,सुमित ताराम अपने साथ मोटर साईकिल से लेकर चले आये थे और आरोपीगण ने मिलकर मृतक लखन डेहरिया की हत्या का षडयंत्र कर मृतक लखन डेहरिया को आरोपीगण ने मृतक लखन को लेकर सांख के आगे पेंच नदी पुल के यहां लाकर लखन के गले में रस्सी कसकर हत्या कर दी मृतक लखन डेहरिया की पहचान मिटाकर साक्ष्य नष्ट करने के लिए मृतक के सिर पर पत्थर पटक कर कुचल दिया और चेहरा पानी में डाल दिया था। थाना चौरई के द्वारा आरोपीगण के विरूद्ध अपराध क्रमांक 124/12 धारा 302, 120बी, 201 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया था।

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