रेवांचल टाइम किसान संघर्ष समिति लांजी के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे ऐतिहासिक किसान आंदोलन के 10 माह पूर्ण होने पर अमर शहीद भगत सिंह की जयंती पर 27 सितंबर को लागी बंद का आह्वान किया गया है आप जानते हैं कि देश के किसानों द्वारा दिल्ली में 26 27 नवंबर 2020 से 3 किसान विरोधी कानून को रद्द कराने बिजली बिल वापस लेने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जा रहा है पिछले 10 माह से लाखों किसान डेरा डाले हुए हैं लंबे आंदोलन के बावजूद अब तक सरकार द्वारा तीनों कानूनों को रद्द करने एवं बिजली बिल वापस लिए जाने की घोषणा नहीं की गई है
27 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े देश भर के 500 से ज्यादा किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है
मोदी सरकार द्वारा जबरदस्ती बनाए गए तीन कृषि कानूनों का मकसद खेती का कापोरेटिकरण करना है वर्तमान सरकार कापोरिट को खेती सपना चाहती है जिससे किसानों की जमीन छीना जा सके ताकि किसान किसानी और गांव खत्म कर कारपोरेट के लिए सस्ते मजदूर उपलब्ध कराया जा सके
1907 मैं शहीद भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह के नेतृत्व में पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन 9 माह चलाया था अंग्रेजों ने भी कृषि व तीनों काले कानून बनाए थे इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या होगा एक विदेशी शासक भी 9 महीने में झुकने पर मजबूर हो गया था परंतु अब अपने ही देश की सरकार करोड़ों किसान मजदूरों को उखाड़ने पर तुली हुई है
एक तरफ प्रधानमंत्री जी आत्म निर्भर भारत और किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रहे हैं दूसरी तरफ कानूनों के माध्यम से कारपोरेट को खेती में असीमित निवेश करने भंडारण करने खाद्य प्रसंस्करण करने तथा कृषि उत्पादों को की जमाखोरी करने की छूट दे दी है जिससे मंडी व्यवस्था प्रणाली खत्म होना तय है
सरकार द्वारा करुणा काल में 68 करोड़ की छूट कारपोरेट को दी गई आजादी के बाद से अब तक कुल 48 लाख करोड़ की छूट दी जा चुकी है दूसरी तरफ किसान गत 4 वर्षों से किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं जिसमें मात्र 14 करोड खर्च होंगे
देश के किसानों को उनकी लागत का पूरा दाम देने के बजाय मोदी सरकार किसानों के साथ भद्दा मजाक कर रही है किसान लंबे समय से डॉक्टर स्वामीनाथन आयोजन के सिफारिश अनुरूप 2+50 प्रतिशत के हिसाब से लाभकारी मूल्य की मांग कर रहे हैं परंतु हाल मैं ही रबी फसलों के यम यस पी में की गई बढ़ोतरी की घोषणा उसने काफी कम है वह बढ़ोतरी से ज्यादा तो पिछले 1 साल में किसानों की लागत बढ़ चुकी है ऐसे में किसान को शिवा घाटे के कुछ नहीं मिल रहा है
इसके अलावा उर्वरक यूरिया इफको की कमी पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम विलंब से वर्षा होने पर पड़त भूमि पर रोपाई कार्य का ना होना उसे मुआवजा राशि प्रदान करने सम्मान निधि की राशि प्रति एकड़ 10 ₹10000 बढ़ाने कृषि क्षेत्र में मनरेगा को जैसे रोपाई कार्य नींद आई कार्य एवं कटाई कार्य ट्रैक्टर से जूता एवं इसाई मनरेगा से भुगतान की जावे एवं बेरोजगार को भत्ता दिया जावे जो कि बेरोजगारी एक राष्ट्रीय समस्या है
इन सारी मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में विधानसभा क्षेत्र लांजी के समस्त किसान मजदूर साथी कर्मचारी छोटे दुकानदारों व्यापारी भाइयों से अपील करते हैं कि भारत बंद को कामयाब बनाएं इस बार भारत बंद का आह्वान शहीद भगत सिंह की जयंती पर हो रही है इसलिए भगत सिंह के विचार एवं आदर्शों को के अनुरूप किसान मजदूर का समतामूलक समाज कायम करने के सपने को लेकर
लांजी बंद को लेकर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मालिक पाचे डॉक्टर तीरथ नागपुरे ऋषिकेश भवन मारे मानव समाज एडवोकेट चितरंजन नथिया राजकुमार नागेश्वर पन्ना चौधरी खेमराज मछिरके धनीराम इनवाती मोतीलाल वीके अशोक मसकोले श्रावण उके जनक राम घोर मारे आदि ने कार्यक्रम में अधिक से अधिक भाग लेने की अपील की है
रेवांचल टाइम्स लांजी, बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे


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