रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला की जनपद पंचायत भुआ बिछिया की ग्राम पंचायत अंजनिया में आवास मामले में भ्रस्ट भृष्टाचार में लिप्त सरपंच सुधीर मरावी को पद से पृथक कर छः वर्ष के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था किंतु उसके राजनैतिक प्रभाव के चलते अभी तक उस पर कोई कार्यवाई नही हुई । अंजनिया सरपंच के द्वारा इसी प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अंजनिया के एक मोहल्ले में जाने वाली सड़क जिसका खसरा नम्बर 649 है जो कि राजस्व अभिलेखों में शासकीय भूमि दर्ज है और इस भूमि में वर्षों पुराना रास्ता बना हुआ है जिस पर सुधीर मरावी द्वारा अतिक्रमण कर ढाबा बना कर संचालित किया जा रहा है।
पर चौकाने वाली बात यह है कि प्रशासन की आंखों के सामने ही इतना बड़ा अतिक्रमण हो गया किंतु किसी ने कोई कार्यवाई नही की गई । शायद इसी कारण प्रशासन और अंजनिया सरपंच के गहरे संबंध की चर्चा भी जोरों पर है ।
तभी बेख़ौफ़ होकर खुलेआम शासकीय रास्ते में इतना बड़ा ढाबा बनाकर उसका व्यवसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है ग्राम के मुखिया याने की सरपंच महोदय द्वारा किया जा रहा है ।
सरपंच के द्वारा पंचायती राज अधिनियम की धाराओं का किया गया उल्लंघन
मध्यप्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 36 की उपधारा ग (ग) में यह स्पष्ट है कि कोई व्यक्ति किसी पंचायत का पदाधिकारी होने का पात्र नही होगा जिसने पंचायत या सरकार की किसी भूमि या भवन पर अतिक्रमण किया है ।
और अंजनिया में तो खुलेआम सरपंच द्वारा इस अधिनियम की धारा 36 और धारा 40 का उल्लंघन किया गया है । अब देखना यह है कि प्रशासन किस प्रकार की कार्यवाई करता है। या फिर पहले की तरह सरपंच को बचाने का प्रयास किया जाता है। या फिर कोई कार्यवाही होती है।
बड़े नेताओं को ऐसे जनप्रतिनिधियों को संरक्षण नही देना चाहिए
प्राप्त जानकारी के अनुसार भृष्टाचार के सागर में डुबकी मार चुके निष्काषित सरपंच के द्वारा हर पार्टी के शीर्ष नेताओं के पास जाकर हाज़िरी दी जाती है । शीर्ष नेताओं को धोखे में रखकर ऐसे लोग अपने काम कराने पहुँच जाते हैं । उम्मीद है कि यह जानकारी लगते ही सरपंच की असलियत शीर्ष नेताओं और अन्य सभी के सामने आ जायेगी ।



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