रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में ऐसे अनेक मामले है जहाँ शिकायतें होने के बाद कोई कार्यवाही नही होती या कहे कि उन्हें प्रशासन से अभय दिया गया है भृष्ट और भ्रष्टाचार इस जिले में चरम सीमा पर है जनप्रतिनिधियों और प्रशासन में बैठें जिम्मेदार अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना हरकतों के चलते आज हर आदमी परेशान है जिम्मेदारो के केवल पैसो से मतलब है आप क्या कर रहे उन्हें कोई मतलब है आज कही न कही इस जिले प्रशासन नाम का डर लोगो के मन से निकल चुका है बेधड़क भ्रष्टाचार कर रहे पर इस जिले में न कोई सुनने वाला है और न ही देखने वाला है ।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अंजनिया पीएम आवास मामले में अनियमितता के चलते अंजनिया सरपंच सुधीर मरावी को पद से पृथक कर छः वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था किंतु अपने राजनैतिक धौंस के चलते सरपंच के द्वारा अंजनिया में गुंडागर्दी का माहौल बना दिया गया है । जब चाहे तब अंजनिया सरपंच किसी के भी घर मे घुस कर गाली-गलौच करता है, धमकी देता है और रिश्वत की मांग करता है । उक्त आरोप लगाते हुए अंजनिया निवासियों अरविंद यादव, परमसुख झारिया, मोहनिया बाई झारिया आदि लोगों ने कलेक्टर और एस. पी. से न्याय की गुहार लगाई है ।
बिना सूचना JCB से तोड़ा ईंट का भट्टा
अंजनिया सरपंच ने नियमों, संविधान, और किसी व्यक्ति को प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हुए बिना किसी सूचना के अंजनिया निवासी अरविंद यादव के घर मे घुसकर बहन-बेटियों से बत्तमीजी की और बने बनाये ईंट के भट्टे को तालिबानी रुख अपनाते हुए जेसीबी से तहश-नहश कर दिया जिससे भट्टे मालिक का लाखों का नुकसान हो गया । प्रशासन ने अभी तक सरपंच के खिलाफ कोई कार्यवाई नही की है इससे स्पष्ट है कि प्रशासन का आशीर्वाद सरपंच के साथ बना हु है ।
मकान निर्माण NOC के एवज में मांगता है मोटी रकम
अंजनिया निवासी अरविंद यादव और मोहनिया झारिया ने सरपंच
सुधीर मरावी सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक महोदय को लिखित शिकायत की है । कि सरपंच द्वारा लगातार आवेदकों से रिश्वत की मांग की जा रही है । रिश्वत की राशि न देने पर उनका घर तोड़ने और अन्य कई प्रकार की धमकियां सरपंच द्वारा दी जाती हैं ।
अंजनिया सरपंच ने स्वयं शासकीय भूमि में कब्जा कर बनाया है ढाबा
अंजनिया सरपंच के द्वारा अंजनिया बायपास स्थित भूमि खसरा नम्बर 649 हल्का अंजनिया में जो कि बायपास से अंजनिया के मोहल्ले में जाने वाला रास्ता है और रास्ते की चौड़ाई लगभग 60 फिट है पर अवैध रूप से मार्ग बाधित कर कब्जा कर ढाबा बना लिया गया है इस प्रकार के कृत्य वो भी एक पंचायत के जनप्रतिनिधि द्वारा करना मध्यप्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज की धाराओं का उल्लंघन है । सरपंच के ऊपर इस अधिनियम की धारा 36 और 40 में अंतर्गत कार्यवाई होनी चाहिए ऐसी कई लोगो ने मांग की है । किंतु प्रशासन कोई भी कार्यवाई नही कर रहा है ।
प्रशासन का मौन किस ओर कर रहा इशारा
इतने भ्र्ष्टाचार और अवैध अतिक्रमण करने वाले सरपंच के ऊपर प्रशासन कोई कार्यवाई नही करता है । कार्यवाई न करना किस ओर इशारा कर रहा है । क्या अंजनिया सरपंच के ऊपर प्रशासन मेहरबान है या इनके राजनैतिक प्रभाव के चलते प्रशासन सरपंच महोदय से डरता है ।
अन्य प्राइवेट जमीनों में भी सरपंच ने किया है कब्जा
जानकारी अनुसार सुधीर मरावी द्वारा अन्य निजी भूमि स्वामियों की ज़मीन में स्वयं की जाति का फायदा उठाकर झूठा फसाने की धमकी देकर कब्जा कर लिया गया है । ऐसा ही एक प्रकरण बिछिया तहसील में चल रहा है । जिसमें यह स्पष्ट हो चुका है कि सरपंच सुधीर मरावी ने अवैध रूप से भूमि स्वामी की ज़मीन में कब्जा किया हुआ है ।
घर के रास्ते को फेंसिंग लगाकर कर दिया बंद
अंजनिया सरपंच ने अपनी गुंडागर्दी से 2 से 3 परिवारों से रिश्वत न मिल पाने के कारण उनके घर के आवागमन के रास्ते को स्वयं जाकर खम्बे और फेंसिंग लगवाकर बंद कर दिया है जिस कारण इन परिवारों को बहुत सी दिक्कतों का सामना कर ना पड़ रहा है । सरपंच ने हिटलर के तानाशाही रवैये जैसा व्यवहार इन परिवारों के साथ किया है । जबकि स्वयं सरपंच महोदय ने शासकीय रास्ते मे अतिक्रमण कर ढाबा बना कर रखा है ।





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