सावन के तीसरे सोमवार पातालेश्वर मंदिर में भगवान शिव का नीबूंओ से श्रृंगार चमत्कार का केंद्र है यह प्राचीन स्थल... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Monday, August 9, 2021

सावन के तीसरे सोमवार पातालेश्वर मंदिर में भगवान शिव का नीबूंओ से श्रृंगार चमत्कार का केंद्र है यह प्राचीन स्थल...

 




रेवांचल टाईम्स -  जिले का अत्यंत प्राचीन सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल पातालेश्वर मंदिर में प्रति सोमवार की तरह श्रावण मास के तीसरे सोमवार को प्रातः काल में भगवान शिव का नीबूंओ से श्रृंगार किया गया जबकि दोपहर के बाद उनका  सुंदर वस्त्रों से दूसरा श्रृंगार किया गया ! श्रावण सोमवार के इस विशेष अवसर पर भक्तों ने देर रात तक भगवान शिव का दर्शन पूजन अर्चन और अभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया! गौरतलब है कि पातालेश्वर मंदिर में प्रति सोमवार को जय भोले सरकार समिति द्वारा भगवान शिव का मनमोहक आकर्षक श्रृंगार किया जाता है सावन मास में प्रतिदिन अभिनव श्रृंगार तथा श्रावण मास के हर सोमवार को विशेष श्रृंगार इन दिनो किया जा रहा है जिसके चलते इस सोमवार को भगवान शिव का नीबूंओ से श्रृंगार किया गया ! इसके पूर्व जय भोले सरकार समिति द्वारा सावन मास के पहले सोमवार को भगवान शिव का पान से दूसरे सोमवार को मखाने से श्रृंगार किया गया था! 

ज्योतिर्लिंग सा पूज्यनीय -  जिले में ही नहीं बल्कि दूर दूर तक पातालेश्वर मंदिर की ख्याति है लोग इस मंदिर को ज्योतिर्लिंग की तरह बड़े श्रद्धा भाव के साथ पूजते है यहां पाताल से भगवान शिव के प्रकट होने के कारण इस मंदिर का नाम पातालेश्वर पड़ा! यह प्राचीन स्थल एक समय में चमत्कार का केंद्र होने से नागाओं तांत्रिकों और साधकों का साधना स्थल भी रहा है हालांकि अभी यह एक पर्यटन स्थल भी विख्यात है!

No comments:

Post a Comment