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Saturday, August 7, 2021

मंडला का वनाच्छादन क्षेत्र 173 वर्ग किलोमीटर हुआ कम - एक रिपोर्ट

 






रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले का भौगोलिक क्षेत्र 5800 वर्ग किलोमीटर है।वन विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन 2020- 21 के अनुसार मंडला जिला में 2015 घना जंगल का क्षेत्रफल 751 वर्ग किलोमीटर था जो 2019 में घटकर 691.31 वर्ग किलोमीटर रह गया है।इसी प्रकार मध्यम जंगल 2015 में 1204 वर्ग किलोमीटर था जो 2019 में घटकर 1091 वर्ग किलोमीटर रह गया। इसी प्रकार खुला जंगल का क्षेत्रफल जो 2015 में 880 वर्ग किलोमीटर था वो  2019 में 795 वर्ग किलोमीटर का रह गया है।अगर घना एवं मध्यम जंगल के आंकङे का 2015 से 2019 के बीच तुलनात्मक अध्ययन करेंगे तो पता चलता है कि 173 वर्ग किलोमीटर का रकबा घट गया है।राष्ट्रीय वन निति 1988 के अनुसार पर्यावरण के दृष्टी से 33 प्रतिशत वनों का होना आवश्यक है।प्रदेश के जिला बालाघाट में सर्वाधिक वन आवरण 4932 वर्ग किलोमीटर है।


वन विभाग की इसी वार्षिक प्रतिवेदन में बताया गया है कि 1980 से 2020 तक विभिन्न विकास परियोजनाओ के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 2,84,131.985 हैक्टेयर वनभूमि को गैर वनीकरण में परिवर्तित किया है।बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के संयोजक राज कुमार सिन्हा ने कहा  कि बरगी बांध में 8478 हैक्टेयर घना जंगल जमीन डूब चुका है और प्रस्तावित बसनिया बांध में 2107 हैक्टेयर घना  जंगल जमीन डूब में आने वाला है।अतः इसके बारे में सभी को चिंतन और विचार करना चाहिए।विकास के नाम पर विनाश को आमंत्रण देना योग्य नहीं है।

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