रेवांचल टाईम्स -सरकार द्वारा पंचायतों में किए जा रहे भुगतानों में पारदर्शिता लाने के लिए चाहे कितने भी प्रयास क्यों न किए गए हों, लेकिन सरपंच-सचिवों की मिलीभगत से उसमें कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार के रास्ते निकाल ही लिए जाते हैं। तमाम नियमों के बावजूद पंचायतों द्वारा खुलेआम बिना टिन नंबर एवं जीएसटी नंबरों के बिलों पर लाखों का भुगतान किया जा रहा है जिससे शासन को जहां एक ओर लगातार राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं जितना भुगतान पंचायतें करती है उसमें आधा कार्य भी नहीं हो रहा है तथा जो हो रहा है वह भी घटिया स्तर का हो रहा है। पूरे मामले में कहीं न कहीं अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आ रही है, जो शिकायतों के बावजूद फर्जी बिलों पर हजारों-लाखों का भुगतना करने वाले सरपंच सचिवों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिससे सरपंचों के कार्यकाल के अंतिम चरण में पंचायतों में जमकर भ्रष्टाचार एवं फर्जीवाड़ा हो रहा है।
ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत कुरई अंतर्गत ग्रामपंचायत मुंडापार ने सामने आया है जहां सरपंच द्वारा अपने परिवार जनों के नाम से फर्जी फर्म बनाकर मुरम, मलमा परिवहन के नाम पर लगभग लाख रुपए के आसपास का गोलमाल किया गया अपने परिवार जनों का जो बिल पंचायत द्वारा लगाया गया है उसमें ना टिन नंबर है ना ही जीएसटी नंबर और मजे की बात तो यह है की यह फॉर्म सिर्फ ग्राम पंचायत मुंडापार को ही अपना बिल देती है इसी प्रकार पंचायत द्वारा अम्बे सीमेंट प्रोडक्ट्स एंड हार्डवेयर गोपालगंज के नाम के भी 15000 का बिल लगाया गया हैं जबकि इस फर्म का भी ना जीएसटी नंबर है ना टिन नंबर है या पंचायत बिना टिन नंबर वाले बिना जीएसटी वाले दुकानदारों से माल खरीदती है और उसमें सांठगांठ करती है पूरे मामले में आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि जिन बिलों पर भुगतान किया जा रहा है ये भुगतान छोटे नही हजारों में हो रहे हैं जिससे अधिकारियों को भी कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा है। आश्चर्य तो इस बात का है बिलों का भुगतान भी हो रहा है, लेकिन इसकी खबर अधिकारियों को भी नहीं है जो यह दर्शा रहा है कि पंचायतों में किस हद तक लापरवाही चल रही है और मिलीभगत से कैसे शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण में जब हमारे संवाददाता ने सरपंच से बात करना चाहा तो फोन सरपंच पति ने उठाया और बाहर होने की बात कही और सरपंच के पास मोबाईल नहीं होने की बात कही।
इनका कहना है
विसन लाल परते
सचिव ग्रामपंचायत मुंडापार
उसने टैक्टर से काम किया था तो उसने जो बिल दिया तो हमने उसका पेमेंट कर दिया।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाईम्स की रिपोर्ट




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