रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में इस वर्ष बारिश अभी तक न होने से ग्रामीण लोगों के द्वारा जल्दी बारिश हो इसलिए तरह तरह के नुक्से किये जा रहे है,
यूं तो भारत वर्ष विविधताओं व संस्कृति से भरा हुआ देश है वही भारत वर्ष कृषि प्रधान देश है जहां पर किसानों के द्वारा इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए बारिश की कमी के चलते टोने -टोटके किए जाते हैं वर्षा समय पर ना होने की वजह से किसान बहुत चिंतित हैं वही इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय किए जा रहे हैं जिसके चलते मंडला जिला यूं तो आदिवासी जिला है जहां पर अधिकांश किसान आदिवासी हैं ! वे अपने पूर्वजों की परंपराओं को समय-समय पर याद करते रहते हैं उसी का एक नमूना जिला मुख्यालय से लगे हुए ग्राम विनैका में आज देखने को मिला है जहां पर इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए व अच्छी बारिश हो , सके जिसके चलते गाँव के छोटे-छोटे बच्चे मुसल में मेंढक को बांधकर गाजे - बाजे के साथ सभी लोगों के द्वार - द्वार जाकर नाचते कूदते हैं व मेंढक को इंद्रदेव का प्रतीक समझ कर प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं कि इंद्रदेव आप जल्दी ही प्रसन्न हो और अच्छी वर्षा करें, ताकि हम लोगों की फसलें समय पर अच्छी हो इन छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा गीत गाया जाता है , "मेंढक रानी पानी दे " धान कोदो पकन दे ", इस बार इस गीत को बार-बार दोहराते हैं गाते हैं व सभी लोगों के घरों आँगन में जा जाकर यह प्रदर्शन करते हैं और उसके बदले में इन छोटे-छोटे बच्चों को लोग अपनी खुशी से घरों से दाल, चावल, आटा, व कुछ पैसे देते हैं जिसके बाद बच्चे लोग धार्मिक स्थलों में जाकर इसको प्रसाद के रूप में पकाकर ग्रहण करते हैं वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर अच्छी वर्षा हो, जिससे खेत खलियान हरे भरे हो जाये और फसल लह लहलहाने लगे जिससे लोगों में खुशियां आये।

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