रेवांचल टाईम्स - बैगा आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में न तो कोई सुनने वाला है और न ही कोई देखने वाला है सब की सब गाँधी जी के तीन बन्दर बन बैठे है शिकायतें के बाद भी कुछ नही होना ये बड़े ही दुख की बात जिला प्रशासन तो जिला प्रशासन इस जिले के निठल्ले जनप्रतिनिधियों तक के कानों में जू तक नही रेंगती है कहाँ क्या हो रहा किसने किया कोई मतलब नही बस उन्हें काम के बदले मिलने वाले कमीशन से मतलब और बैनर पोस्टरों में अपनी बड़ी बड़ी फ़ोटो से मतलब है।
वही जानकारी के अनुसार मंडला जिला को बैगा आदिवासी बाहुल्य जिला माना जाता है और यहां बैगा परिवार सबसे पिछड़ी जाति मानी जाती है! अभी एक तत्कालिक मामला सामने आया है विकास खण्ड मवई के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नंदराम के पोषक ग्राम नयगवां में कमलेश बैगा के नाम का प्रधानमंत्री आवास रामलाल धनिया के नाम पर बना दिया गया इस गरीब को पता ही नहीं चला कि मेरे नाम से प्रधानमंत्री आवास बन चुका है चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब कमलेश बैगा के कोई करीबी मित्र 7 अप्रैल 2021 को कंप्यूटर से कमलेश के नाम पर हुए प्रधानमंत्री आवास का डिटेल निकलवाया जिसमें वर्ष 2016 एवं वर्ष 2017 में 40000 पहली किस्त, 45000 दूसरी किस्त 30000 तीसरी किस्त एवं ₹15000 आखिरी किस्त निकाली जा चुकी है कमलेश बैगा के द्वारा मुख्यमंत्री की हेल्पलाइन 181, तीन बार लगाकर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है साथ ही जिला के कलेक्टर, एसपी जिला सीईओ एवं बैगा आदिवासी वित्त एवं विकास निगम एवं संबंधित जनपद सीईओ को लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है।
वही सरपंच राजकुमार छांटा एवं रोजगार सहायक नारायण बघेल को जब हितग्राही कमलेश ने शिकायत की तो उन्होंने कहा तुम यहां वहां जहाँ लगे शिकायत करते हो यह आवाज तुम्हारी कोई सुनने वाला नहीं और जो आवास निकला है वो तुम्हारा नही है और जो तुम कर रहे हो पता की इसके पीछे कौन है, जबकि पोर्टल से निकला हुआ दस्तावेज साफ-साफ कह रहा है कि कमलेश बैगा के नाम पर प्रधानमंत्री आवास की राशि ₹148000 निकाल ली गई है ?



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