रेवांचल टाइम्स :- एक तरफ जहां नैनपुर नगर में बीजेपी सरकार के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाओ अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत नैनपुर नगर में 370 पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ नैनपुर शहर के तथाकथित व्यापारियों द्वारा स्वयं के स्वार्थ के चलते क्षेत्र में हरे वृक्षों को काटने का काम किया जा रहा हैं। नतीजतन नगर सरकार के द्वारा चलाए जा रहे पेड़ लगाओ अभियान जैसी अति महत्वाकांक्षी योजना के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण पर ग्रहण लगता हुआ नजर आ रहा हैं।
नैनपुर नगर में मंडला जिले के विधायक देव सिंह सैयाम द्वारा डिजिटल x-ray मशीन का उद्घाटन किया गया उद्घाटन समारोह में जिला पंचायत सदस्य भगवती श्रीधर द्वारा अपने भाषण में संकल्प लिया गया कि नैनपुर नगर में धारा 370 की तर्ज पर 370 पेड़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा लगाए जाएंगे।
जो कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक लाभदायक होंगे। जिससे पर्यावरण को बचाने एवं पेड़ लगाकर नगर की बिगड़ती हवा में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ नगर के कुछ तथाकथित व्यापारी अपने निजी स्वार्थ के चलते शोरूम एवं गोदाम का नव निर्माण करते समय पेड़ों को काटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
बता दें कि नैनपुर नगर में नगर पालिका परिषद के दो मुख्य द्वार हुआ करते थे। एक द्वार नैनपुर हाईवे की तरफ भी हुआ करता था जहां बरसों पुराना नीम का पेड़ था। नीम बहुतायात में पाया जाने वाला वृक्ष है. यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है, इसलिए आम जीवन में इसका खूब प्रयोग होता है. इसकी पत्तियों से लेकर इसके बीज तक सब कुछ अत्यंत उपयोगी होते हैं। त्वचा,पेट,आंखें और विषाणु जनित समस्याओं में इसका प्रयोग अद्भुत होता है।
लेकिन नगर के तथाकथित व्यापारी द्वारा अपने निजी स्वार्थ के चलते नैनपुर नगर के भूतपूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी के सांथ सांठगांठ करके नगरपालिका के दूसरे मुख्य द्वार पर लगा नीम का पेड़ काटा गया और दूसरा मुख्य द्वार बंद करके वहां काफी बड़ा कपड़ों का शोरूम बनाया गया।
वहीं नगर में चोरी छुपे पेड़ काटने का एक और ताजा मामला सूत्रों के अनुसार पता चला है बता दें कि नैनपुर नगर चकोर पुल के पास विवेकानंद स्कूल स्थित है जहां से कुछ ही दूरी पर तथाकथित व्यापारी द्वारा कुछ नव निर्माण किए जा रहे हैं। जहां पहले काफी सालों पुराना एक गूलर का पेड़ था।
यह एक विचित्र और विशाल पेड़ होता है। भारत में इस पेड़ को पूज्यनीय माना जाता है। यह एक औषधीय पेड़ है, गूलर के वृक्ष के सभी भाग जैसे पत्ते, फल, छाल, जड़ और लकड़ी सभी का कुछ न कुछ औषधीय प्रयोजन के लिए उपयोग किया जाता है।
लेकिन अपने निजी स्वार्थ के चलते नगर के तथाकथित व्यापारी द्वारा अधिकारियों की सांठगांठ से रातो रात पेड़ को काट दिया गया, एवं वहां उस जगह पर व्यावसायिक निर्माण कार्य किया जाने लगा।
नतीजतन नगर सरकार के द्वारा चलाए जा रहे पेड़ लगाओ अभियान जैसी अति महत्वाकांक्षी योजना के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण पर ग्रहण लगता हुआ नजर आ रहा हैं।
✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

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