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Sunday, July 11, 2021

सारी स्वास्थ्य सेवाओं की अब बहाली हो



रेवांचल टाईम्स - जब से कोविड-१९ दुष्काल  की शुरुआत हुई, सभी संसाधनों का रुख उससे निबटने की ओर मोड़ दिया गया| जब हालत कुछ संभले  स्वास्थ्य सेवाओं फिर से शुरू हो ही रही थीं,तभी देश को दूसरी लहर का सामना करना पड़ा| अब दूसरी लहर के बाद ध्यान एक बार फिर लोगों की जान बचाने और तीसरी लहर के अनुमानों पर केंद्रित है|ऐसे में देश को यह नहीं भूलना चाहिए कि कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें कोविड उपचार से इतर अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की भी जरूरत है|

 

अब यह महत्वपूर्ण है कि दुष्काल के कारण बाधित स्वास्थ्य सेवाओं को एक बार फिर से शुरू की जाये | दुष्काल का स्वास्थ्य तंत्र पर बुरा असर पड़ा है| पिछले अनुभव से पता चलता है कि उस कारण आवश्यक सेवाओं पर पड़नेवाला व्यवधान प्रकोप से अधिक घातक हो सकता है| अब संक्रमणकी श्रुंखला  को तोड़ने के प्रयासों में तेजी लाने तथा ऐसी स्थिति दुबारा पैदा न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास करने की जरूरत है|

दुष्काल और उसके बाद से स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी तरीके से कोविड उपचार में लगाने के बाद वैकल्पिक देखभाल सेवा को रद्द करने, ओपीडी सेवाओं को बंद करने तथा उपचार नीति में बदलाव के कारण आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच को बहुत प्रभावित किया है| इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित भौतिक पहुंच तथा वित्तीय कठिनाई ने भी सेवा को सीमित कर दिया है|आज लोग भौतिक रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को प्राप्त करने से डर रहे  हैं, उन्हें लगता है कि वे संक्रमित हो सकते हैं और इसकी चपेट में आकर अपनी जान भी गंवा सकते हैं|

       देश में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव हेतु दी जानेवाली महत्वपूर्ण जीवन रक्षक सेवा दूसरी लहर में गंभीर रूप से कम हो गयी है|

देश में हर साल 2.7 करोड़ बच्चों का जन्म होता है| दुष्काल के कारण चिकित्सा आपूर्ति शृंखला में व्यवधान पैदा होने एवं वित्तीय तथा मानव संसाधनों पर पड़नेवाले दबाव के कारण अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जैसे कि प्रसव पूर्व देखभाल सेवा तथा नवजातों एवं बच्चों को दी जानेवाली गहन देखभाल सेवाएं. इसका असर हमारे यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज प रहो रहा है |वर्ष 2020 में दुष्काल की पहली लहर से प्राप्त आंकड़े संस्थागत प्रसव एवं बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान एवं गिरावट को दर्शाते हैं|शिशु एवं मातृ मृत्यु को कम करने के कई वर्षों के प्रयासों एवं प्रगति को नष्ट नहीं होने देना चाहिए|

देश को नये तरीके अपनाने की जरूरत है. इसके अलावा, सप्लाई चेन एवं औषधालय के विकल्प को विकसित करने के साथ-साथ असंक्रमण वाले रोगों के उपचार के लिए निजी क्षेत्र एवं समुदायों को बेहतर ढंग से शामिल करने की जरूरत है| कोरोना की रोकथाम के एक मुख्य भाग के रूप में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखना महत्वपूर्ण है और हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े और इलाज की आवश्यकता होने पर गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों एवं बुजुर्गों को विशेष देखभाल और इलाज मिल सके |

                                          राकेश दुबे

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